भोपाल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने गीता जयंती महोत्सव में गीता के उपदेशों को मानव जीवन का सार बताते हुए कहा कि गीता हमें कर्म और धर्म का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने जिले के अग्रणी महाविद्यालय बैढ़न में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "भगवद्गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा है। भगवान कृष्ण ने 'कर्म करो, फल की चिंता मत करो' का संदेश देकर हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। गीता के सिद्धांत न केवल हमारे व्यक्तिगत जीवन को मार्गदर्शन देते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सहायक हैं।"
मंत्री श्रीमती उईके ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा गीता के महत्व को विश्व पटल पर ले जाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मानव कल्याण के लिए गीता के सिद्धांतों को आत्मसात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता के मार्ग पर चलकर सच्चाई, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि गीता के मार्ग पर चलकर हम न केवल अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकते हैं।कार्यक्रम में छात्रों द्वारा भगवान कृष्ण और राधा की लीला को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। गीता जयंती का यह जिला स्तरीय आयोजन भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन के प्रति समाज को जागरूक करने का एक प्रयास रहा। इस अवसर पर सिंगरौली विधायक उपस्थित रहे।

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