नेमावर
देवास व हरदा जिले को जोड़ने वाले नेमावर स्थित करीब 43 वर्ष पुराने पुल के मध्य वाले भाग का स्लैब सतत वर्षा के दौर के बीच शुक्रवार को धंस गया। इसके चलते बीच पुल में खतरनाक गड्ढा हो गया। पुलिस ने शाम करीब साढ़े पांच बजे से भारी वाहनों को संदलपुर फाटे से मोड़ कर भेरुंदा मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया, ताकि घटनास्थल पर किसी तरह का खतरा राहगीरों व वाहनों के लिए न रहे।
पुलिस ने लिया एक्शन
नेमावर पुलिस के बारे में सूचना दोपहर करीब 2 बजे मिली। सूचना पर थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा ने तत्काल एक्शन लेते हुए गड्ढे वाली जगह के आसपास बेरिकेट्स लगवाकर सुरक्षित करवाया और गड्ढे को रिपेयर करने का काम इंजीनियरों के माध्यम से करवाया गया। इस दौरान सड़क के आधे हिस्से से वाहनों की आवाजाही चालू रखी गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे से भारी वाहनों को संदलपुर फाटे से मोड़ कर भेरुंदा मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया, ताकि घटनास्थल पर किसी तरह का खतरा राहगीरों व वाहनों के लिए न रहे।
1981 में हुआ था पुल का निर्माण
जानकारी के अनुसार पूर्व में वर्ष 2017 में भी इसी पुल में खतरनाक गड्ढा हो गया था, जिसका सुधार कार्य तुरंत करवाया गया था। इस पुल का निर्माण वर्ष 1981 में हुआ था, अभी वर्तमान में पुल में कई स्थानों पर ऊपरी कोट के सरिए बाहर दिखाई दे रहे है परंतु जिम्मेदार इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
नागपुर तक आवागमन का प्रमुख मार्ग
यह पुल इंदौर-बैतूल नेशनल हाइवे के अंतर्गत आता है जो आगे नागपुर तक आवागमन का प्रमुख मार्ग भी है। टीआई निमोदा ने बताया इंजीनियरों ने दो दिन तक भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की बात कही है, मौके पर हमने जवान तैनात किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने हरदा जिले के अधिकारियों से संपर्क कर चर्चा की है, उधर भी यातायात डायवर्ट किया जा रहा है।

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