नई दिल्ली
‘प्रधानमंत्री कार्यालय’यानि की PMO को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रहे इस नए कार्यालय को अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा।
‘सेवा तीर्थ’ नाम रखने का उद्देश्य
‘सेवा तीर्थ’ वह महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ देश से जुड़े तमाम बड़े और अहम फैसले लिए जाते हैं। इस नए नाम के पीछे सरकार का उद्देश्य शासन में सेवा की भावना को और अधिक आगे बढ़ाना है। नाम में यह बदलाव केवल एक शुरुआत नहीं है। हाल के वर्षों में देश के कई सरकारी भवनों, मार्गों और स्थानों के नाम बदले गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव शासन की सोच और कार्यशैली में आ रहे एक बड़े परिवर्तन की ओर इशारा करता है, जिसका फोकस सेवा और जनता की भलाई पर है।

More Stories
होली की तैयारी: मालदा मंडल ने मांगी 6 अतिरिक्त ट्रेनें, सुपरफास्ट ट्रेनों में लंबी वेटिंग
भारत की ओर वैश्विक नजर: गूगल, Nvidia समेत 50+ कंपनियों के CEO क्यों पहुंच रहे हैं?
लिव-इन रिलेशनशिप और दहेज कानून: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण