आईटीआई संबद्धता मानदंड-2025 पर हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला
नई दिल्ली, म.प्र. और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि हुए शामिल
भोपाल
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उसे सीधे रोजगार और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना रोजगारोन्मुख कौशल विकास संभव नहीं है। नवीन आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इसी दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है, जो प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और उद्योग-उपयोगी बनाएगा। यह बात राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने ग्लोबल स्किल पार्क में आईटीआई संबद्धता-2025 पर आयोजित कार्यशाला में कही।
राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए संबद्धता मानदंडों से प्रशिक्षण प्रणाली में एकरूपता आएगी और संस्थानों के संचालन में स्पष्टता सुनिश्चित होगी। इससे न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कौशल प्रशिक्षण केवल संख्या तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उद्योग से प्रासंगिकता भी सुदृढ़ हो। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने राज्य संचालनालयों, शासकीय एवं निजी आईटीआई प्रबंधन तथा उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इन संबद्धता मानदंडों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनाएं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर यह राज्य-स्तरीय कार्यशाला मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोज़गार निर्माण बोर्ड द्वारा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को नवीन संबद्धता मानदंडों की स्पष्ट, व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक जानकारी प्रदान करना रहा।
कार्यशाला में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि संशोधित मानदंडों के माध्यम से आईटीआई संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। नए आईटीआई की स्थापना, ट्रेड एवं यूनिट की स्वीकृति, नवीनीकरण, निरीक्षण व्यवस्था और मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं स्पष्ट किया गया है, जिससे संस्थानों को अनावश्यक प्रक्रियागत जटिलताओं से राहत मिलेगी।
कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कौशल विकास को वास्तविक रोजगार से जोड़े जाने पर सार्थक संवाद हुआ। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इस समन्वय को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनेंगे।
कार्यशाला में केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (डीजीटी) नई दिल्ली, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, शासकीय एवं निजी आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत से जुड़े हितधारकों की सहभागिता रही। महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), नई दिल्ली के प्रतिनिधियों द्वारा संबद्धता मानदंडों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें प्रक्रियाओं और प्रावधानों की चरणबद्ध रूप से जानकारी दी गई।

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