नई दिल्ली
GBS यानी गुलियन बार सिंड्रोम का कहर जारी है। खबर है कि अब देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वली मुंबई में भी पहले मरीज की मौत हो गई है। इससे पहले महाराष्ट्र के ही पुणे में 7 मरीज जीबीएस के चलते जान गंवा चुके हैं। देश के कम से कम 2 राज्यों में जीबीएस के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नायर अस्पताल में भर्ती 53 वर्षीय मरीज ने जीबीएस के चलते दम तोड़ दिया। वह वेंटिलेटर पर थे। शुक्रवार को ही शहर में जीबीएस का पहला मामला सामने आया था। तब 64 साल की एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि शहर के अंधेरी पूर्व क्षेत्र निवासी महिला को बुखार और दस्त के बाद लकवाग्रस्त हो जाने की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कितना घातक जीबीएस
जीबीएस एक दुर्लभ विकार है, जिसमें व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता परिधीय तंत्रिका पर हमला करती है, जिससे शरीर के हिस्से अचानक सुन्न पड़ जाते हैं। मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और कुछ निगलने या सांस लेने में भी दिक्कत होती है। जीबीएस के गंभीर मामलों में मरीज पूरी तरह लकवाग्रस्त तक हो सकता है। अधिकतर वयस्कों और पुरुषों में इस विकार के होने के आसार ज्यादा हैं, हालांकि सभी उम्र के लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं।
अब तक 8 मौतें
जीबीएस के चलते पुणे के 37 वर्षीय एक वाहन चालक की शहर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही, पुणे में जीबीएस से जुड़ी मौतों की संख्या बढ़ कर सात हो गई थी, जिनमें संदिग्ध और पुष्टि हो चुके मामले, दोनों शामिल हैं। मुंबई में एक और मौत के बाद आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया है।

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