साल का पहला सूर्य ग्रहण लग गया है। यह आंशिक सूर्यग्रहण है, यानी चंद्रमा हमारे सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं कर पाएगा। सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 2ः20ः43 बजे शुरू हो गया है और 4ः17ः27 बजे अपने चरम पर होगा। तथा 6ः13ः45 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई न देने का दूसरा कारण यह है, कि इस बार सूर्यग्रहण का पथ भारत से होकर नहीं गुजर रहा है। यह सूर्य ग्रहण इस बार यूरोप, एशिया में उत्तर, उत्तर/पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका का अधिकांश भाग, दक्षिण अमेरिका में उत्तर, अटलांटिक, आर्कटिक में दिखाई देगा।
सूतक काल नहीं होगा मान्य- सूतक काल धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाने वाला काल है। इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण से 9 से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल तभी लागू होता है, जब यह नजर आता है। साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भारत में लागू नहीं होगा। भारत में सूर्य ग्रहण का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिस वजह से धार्मिक कार्य नहीं रुकेंगे।
धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण का कारण राहु-केतु को माना जाता है। राहु और केतु छाया ग्रहों को सांप की तरह माना जाता है, जिसके डसने से ग्रहण लगता है। यह भी मान्यता है कि जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं तब ग्रहण लगता है। जबकि विज्ञान कहता है कि सूर्य ग्रहण एक विशेष खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इस स्थिति में, चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढंक देता है, जिससे पृथ्वी पर अंधकार छा जाता है। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण सदैव चंद्रग्रहण से लगभग दो सप्ताह पहले या बाद में घटित होता है।

More Stories
राहु-मंगल-बुध की युति से बना खतरनाक योग, 3 राशियों को रखें सावधान!
Hindu Nav Varsh 2026: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष, जानें कौन होगा राजा और मंत्री?
शीतला अष्टमी 2026 कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि