नर्मदापुरम.
नर्मदापुरम में डॉग बाइट के मामले बढ़ते जा रहे हैं. जिला अस्पताल में बीते 58 दिनों में 220 मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं. इसके अलावा जिले के अन्य सिविल अस्पतालों में भी रोज दो से तीन मामले कुत्तों के काटने के आ रहे हैं. जिला अस्पताल की ओपीडी को देखें तो अप्रैल में 124 और मई में 96 आवारा कुत्तों के काटने के मामले पहुंचे.
आवारा कुत्ते शहर की गली और मोहल्लों में लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. शहर का मुख्य बाजार हो या वार्डों की छोटी बड़ी गलियां हर जगह आवारा कुतों के आतंक से लोग परेशान हैं. तेज गर्मी से बचने के लिए घरों के दहलान और ठंडी जगह पर कुत्ते समूह में जाते हैं. इन्हें हटाने पर यह आक्रमक होकर हमला कर रहे हैं. चिकित्सकों ने मरीजों को निर्धारित उपचार के लिए 1100 एंटी रैबीज के इंजेक्शन मरीजों को लगाए हैं.
आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए दर्जनों शिकायतें
नपा के स्वच्छता निरीक्षक ने बताया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए हमारे पास कोई इंतजाम नहीं है. डॉग केचर मशीन खरीदने के लिए प्रस्ताव दिया गया है. पशु चिकित्सकों के मुताबिक गर्मी तेज है. कुत्तों के शरीर में पसीने की ग्रंथी नहीं होने के कारण वे बेचैन हो जाते हैं. इससे आक्रमक होकर वे हमला कर देते है. नगर पालिका के पास भी आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए दर्जनों शिकायतें पहुंच रही हैं, लेकिन डॉग केचर सुविधा नहीं होने के कारण कोई अभियान नहीं चल पा रहा है.

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