नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को उनके खिलाफ ड्रग्स मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने मजीठिया को 17 मार्च को सुबह करीब 11 बजे एसआईटी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है।
जांच में सहयोग करना जमानत की अनिवार्य शर्त
यह आदेश पंजाब सरकार द्वारा यह कहे जाने के बाद आया कि मजीठिया जांच में सहयोग करने से इन्कार कर रहे हैं। मजीठिया ने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है और उन्होंने कोर्ट से पूछताछ के लिए तारीखें तय करने को कहा। पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि जांच में सहयोग करना जमानत के लिए एक अनिवार्य शर्त है और मजीठिया को इसका पालन करना होगा।
पंजाब सरकार की याचिका पर हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा मजीठिया को 10 अगस्त, 2022 को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने यह मानने के लिए उचित आधार का उल्लेख किया कि वह दोषी नहीं है, लेकिन अपनी टिप्पणी को केवल जमानत याचिका के निर्णय तक सीमित रखा।
5 महीने से अधिक समय तक जेल में रहे मजीठिया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ना चाहिए। इस मामले में मजीठिया पांच महीने से अधिक समय तक पटियाला जेल में रहने के बाद बाहर आए। वह शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के रिश्तेदार और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं। मजीठिया पर राज्य में ड्रग रैकेट की जांच कर रहे एंटी ड्रग स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की 2018 की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।

More Stories
THE World University Ranking 2027: IISc बना भारत का नंबर-1 संस्थान, 254वीं ग्लोबल रैंक
1 अक्टूबर से बदल रहे 9 बड़े नियम, LPG से बैंक खाते तक होगा सीधा असर
El Nino का असर! बारिश 12% कम, सरकार ने घटाया 2026-27 का अनाज उत्पादन लक्ष्य- मंत्री शिवराज सिंह चौहान