भोपाल
समग्र शिक्षा अभियान (सेकेण्ड्री एजुकेशन) द्वारा स्टार्स परियोजना अंतर्गत राज्य स्तरीय कौशल प्रदर्शनी का आयोजन राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में किया जा रहा है। प्रदर्शनी का शुभारंभ 22 नवम्बर शुक्रवार को प्रात: 10:30 बजे आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह करेंगे।
उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 2383 विद्यालयों में प्रति विद्यालय 2 ट्रेड की नवीन व्यावसायिक शिक्षा दी जा रहीं है। इसमें 14 ट्रेड जैसे आईटी-आईटी.ई.एस., प्राइवेट सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, अपैरल, बैंकिंग एण्ड फाइनेंस सर्विसेज, रिटेल, हेल्थ केयर, इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड हार्डवेयर, ब्यूटी एण्ड वेलनेस, प्लंबिंग, ऑटोमेटिव, टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटिलिटी, फिजिकल एजुकेशन एवं मीडिया एण्ड एन्टरटेनमेंट आदि में 30 जॉबरोल का शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इसी कड़ी में स्टार्स परियोजना के तहत नवीन व्यावसायिक शिक्षा संचालित इन 2383 विद्यालयों में विद्यार्थियों की प्रतिभा को दर्शाने, उद्यमशीलता की भावना को बढ़ाने एवं उनके कौशल विकास के प्रोत्साहन के लिये विद्यालय स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर कौशल प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। विद्यालय स्तरीय कौशल प्रदर्शनियों में 1790 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लगभग 25 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। प्रत्येक विद्यालय के प्रथम पुरूस्कार प्राप्त विद्यार्थी द्वारा जिला स्तरीय प्रदर्शनी में प्रतिभागिता की गई। उत्कृष्ठ विद्यालय में 22 नवम्बर को राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनी मे प्रदेश के 52 जिलों से 2-2 विजेता विद्यार्थियों कुल 104 विद्यार्थियों के द्वारा सहभागिता की जा रही है।
राज्य प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार 25 हजार रूपये, द्वितीय को 15 हजार रूपये, तृतीय को हजार रूपये, चतुर्थ को 7 हजार रूपये एवं पंचम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार 5 हजार रूपये के साथ ही 5 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार 2100 रूपये प्रदान की जायेगी। राज्य कौशल प्रदर्शनी में आये सभी प्रतिभागी एवं संचालित सभी ट्रेडों के मेरिट सूची में आये टॉप 3 विद्यार्थियों, शिक्षक, राज्य, संभाग एवं जिले के अधिकारी प्रतिभागियों को राज्य के बाहर 5 दिवसीय स्किल एक्पोजर विजिट पर ले जाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष राज्य कौशल प्रदर्शनी में आये सभी प्रतिभागियों को दिल्ली एन.सी.आर. के 10 महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण कराया गया था।

More Stories
चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से किया जाये: मंत्री कुशवाह
हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्यधाम बनेगा : उप मुख्यमंत्री
रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240