कर्मचारी चयन आयोग ने 8 अप्रैल, 2026 को 2025 SSC CGL का अंतिम परिणाम का ऐलान कर दिया है. इस परीक्षा का आयोजन 18 और 19 जनवरी को किया गया था. इसके साथ ही आयोग ने श्रेणी के मुताबिक, कटऑफ की भी घोषणा कर दी है. लेकिन इस साल इस परीक्षा की कटऑफ अपेक्षा से बेहद कम रही. इसके पीछे मुख्य कारण पेपर का कठिन स्तर, उम्मीदवारों का संतुलित प्रदर्शन और परीक्षा पैटर्न में बदलाव माना जा रहा है. जब पेपर कठिन होता है, तो औसत स्कोर कम हो जाता है, जिससे कट-ऑफ में भी गिरावट देखने को मिलती है. SSC CGL परीक्षा को लेकर इस साल कई महत्वपूर्ण बदलाव और ट्रेंड देखने को मिले हैं जिसके बाद से AI के दौर में इसकी बढ़ती लोकप्रियता ने इसे युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना दिया है.
क्या है क्वालिफाइंग मार्क्स?
SSC CGL में क्वालिफाइंग मार्क्स अलग-अलग कैटेगरी के लिए निर्धारित होते हैं. सामान्य तौर पर यह लगभग 30% (जनरल), 25% (OBC/EWS) और 20% (SC/ST) के आसपास रहता है. यह न्यूनतम अंक होते हैं, जिन्हें पास करना अनिवार्य है.
AI के दौर में क्यों बढ़ रही है SSC CGL की लोकप्रियता?
प्राइवेट सेक्टर की अस्थिरता
नौकरी की सुरक्षा
रुतबा और भरोसा
स्किल बेस्ड तैयारी
मल्टीपल मौके
कौन-कौन सी रुतबे वाली मिलती है नौकरी ?
इनकम टैक्स इंस्पेक्टर
असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO)
CBI सब-इंस्पेक्टर
सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर
ऑडिटर/अकाउंटेंट
इनसे कई परीक्षाएं निकाली जा सकती है
बता दें कि SSC CGL की तैयारी से गणित, रीजनिंग और इंग्लिश मजबूत होती है. यह स्किल्स बैंकिंग, रेलवे, SSC CHSL, MTS जैसी अन्य परीक्षाओं में भी मदद करती हैं, जिससे उम्मीदवार कई और परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं.

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