Exposetodaynews:
चन्नेई
तमिल स्टार धनुष का फैन क्लब ‘धनुष नर्पणि इयक्कम’ बनने के बाद चेन्नई के ओएमआर में महिला पदाधिकारियों की बड़ी बैठक राजनीतिक हलचल पैदा कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सीधे-सीधे सीएम विजय की टीवीके के युवा और महिला वोट बैंक को टिक्कर दे सकता है।
चेन्नई के पास सेम्मनचेरी स्थित एक निजी कॉलेज में 25 अक्टूबर को धनुष के ‘नर्पणि इयक्कम’ की महिला इकाई के पदाधिकारियों की भव्य बैठक हो रही है। तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों से आने वाले लगभग 3,000 से 5,000 महिला कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भागीदारी की उम्मीद है।
धनुष ने अभी तक राजनीति में आने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उनके फैन क्लब का नाम बदलकर ‘इयक्कम’ करना, दिल्ली यात्रा और अब महिला इकाई की बड़ी मीटिंग- इन तीन घटनाओं ने राजनीतिक एंट्री की अटकलों को तेज कर दिया है।
महिला इकाई क्यों जरूरी?
यह बैठक सिर्फ फैन-मीट नहीं मानी जा रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धनुष महिला पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे, उनके साथ अलग-अलग फोटो खिंचवाएंगे और उपहार भी देंगे। इसे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में महिला वोट बहुत अहम माने जाते हैं। यही कारण है कि धनुष की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक महिला इकाई के लिए रखने को रणनीतिक कदम बताया जा रहा है। इससे उनकी टीम को घर-घर संपर्क, स्थानीय समितियां और चुनावी मोबिलाइजेशन के लिए तैयार नेटवर्क मिल सकता है।
सीएम विजय को टिक्कर क्यों?
सीएम जोसेफ विजय की टीवीके ने पहले ही चुनाव में सत्ता हासिल कर ली है। विश्लेषकों के अनुसार, टीवीके को खास तौर पर 30 साल से कम उम्र के युवाओं और महिलाओं का बड़ा समर्थन मिला था। ऐसे में धनुष की राजनीतिक एंट्री से इसी वोट बैंक में बंटवारे की आशंका जताई जा रही है।
टीवीके के कुछ मंत्रियों और कार्यकर्ताओं को यह चिंता है कि धनुष की फिल्मी लोकप्रियता, युवा इमेज और सामाजिक कार्यों का नेटवर्क उनके वोट शेयर को कम कर सकता है। खासकर चेन्नई, कोयंबटूर और पश्चिमी तमिलनाडु जैसे इलाकों में फैन बेस का असर ज्यादा माना जाता है।
‘वोट बैंक तोड़ने’ की रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का तर्क है कि धनुष का यह मूव सिर्फ कल्याणकारी कार्य नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक तैयारी भी हो सकता है। उनके संगठन में जिला-स्तर पर नए पदाधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम चल रहा है।
सवाल यह है कि धनुष खुद नई पार्टी बनाएंगे, किसी मौजूदा दल से जुड़ेंगे या सिर्फ सामाजिक संगठन के रूप में काम करेंगे। एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता के.टी. राजेंद्र बालाजी ने कहा है कि अगर धनुष राजनीति में आते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी, हालांकि उन्होंने इसे अभी केवल अफवाह बताया।
विजय के लिए नुकसान कितना?
अभी यह कहना कि धनुष सीएम विजय को बड़ा नुकसान पहुंचाएंगे, यह कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी, क्योंकि धनुष ने पार्टी, चुनावी एजेंडा या गठबंधन को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन राजनीतिक रूप से नुकसान की तीन संभावनाएं सामने आ सकती हैं:
महिला वोट में बंटवारा: धनुष की महिला इकाई टीवीके के महिला समर्थन को कमजोर कर सकती है।
युवा वोट की प्रतिस्पर्धा: विजय और धनुष दोनों फिल्मी स्टार हैं; युवा वोटरों के बीच दो अलग स्टार-पॉलिटिक्स केंद्र बन सकते हैं।
जिला स्तर पर संगठन: धनुष का नेटवर्क भविष्य के चुनावों में स्थानीय उम्मीदवारों के लिए वोट कटौती का कारक बन सकता है।
टीवीके ने क्या कहा?
टीवीके ने धनुष की संभावित राजनीतिक एंट्री को खुलकर स्वागत किया है और कहा है कि सिनेमा से मुख्यमंत्री तक का विजय का सफर ‘पॉलिटिकल स्टार्टअप’ के लिए प्रेरणा है। लेकिन यह स्वागत भी इस बात का संकेत है कि पार्टी नए प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले रही।
फिलहाल धनुष की चेन्नई बैठक उनके संगठन को मजबूत करने की पहली बड़ी परीक्षा है। अगर वे आगे पार्टी बनाने या चुनावी राजनीति में उतरने का ऐलान करते हैं, तो तमिलनाडु में सीएम विजय की टीवीके के लिए यह सिर्फ स्टार-वर्सेस-स्टार की कहानी नहीं, बल्कि वोट बैंक की सीधी लड़ाई बन सकती है।

More Stories
बिजली उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण और केबल बिछाने का कार्य जारी
यूपी के 75 जिलों में 124 वन स्टॉप सेंटर, 3.18 लाख महिलाओं को मिली मदद
जामिया में 20 साल से छात्रसंघ चुनाव क्यों बंद? 2006 में भंग हुआ था संगठन, अब फिर तेज हुई बहाली की मांग