रायपुर.
खैरागढ़ जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से जहां लोगों को बढ़ते बिजली बिलों से राहत मिल रही है, वहीं वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।
इसी क्रम में विकासखंड खैरागढ़ अंतर्गत ग्राम सनडोंगरी के शिक्षक चिंताराम कंवर ग्रामीणों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आए हैं। उन्होंने अपने निवास की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर यह सिद्ध कर दिया कि सौर ऊर्जा भविष्य की सबसे किफायती, स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा है।
चिंताराम कंवर ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विद्युत विभाग द्वारा चलाए गए जनसंपर्क अभियान के माध्यम से प्राप्त हुई। योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल पंजीयन कराया और मात्र एक माह के भीतर उनके घर में सोलर संयंत्र की स्थापना पूर्ण हो गई। इस परियोजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र एवं राज्य शासन से कुल 1 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दी जा रही भारी सब्सिडी एवं आसान मासिक किश्त (ईएमआई) की सुविधा से उन पर पड़ने वाला आर्थिक भार काफी कम हो गया है।
वर्तमान में वे न केवल मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। चिंताराम कंवर की इस पहल से प्रेरित होकर जिले के अन्य ग्रामीणजन भी अब सौर ऊर्जा को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे जिले में हरित ऊर्जा की ओर एक मजबूत कदम देखने को मिल रहा है।

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