नई दिल्ली.
चांदी की कीमत तो जैसे रोलर कोस्टर पर सवार है. एक दिन पहले तक रिकॉर्ड कीमत पर पहुंच चुकी चांदी ने बुधवार के कारोबार में बड़ी गिरावट दिखाई. मल्टीकमोडिट एक्सचेंज पर आज चांदी का वायदा भाव करीब 8 हजार रुपये टूट गया. एक दिन पहले ही चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दिख रही थी, जो आज बड़ी गिरावट के साथ 2.52 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई. चांदी में यह गिरावट ग्लोबल मार्केट में बढ़ रहे दबाव की वजह से दिखी है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 7 जनवरी की सुबह चांदी का वायदा भाव करीब 3 फीसदी टूट गया और 2,51,729 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गया. इससे एक दिन पहले यानी 6 जनवरी को चांदी का भाव एमसीएक्स पर 2,59,692 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था. आज के कारोबार में मई का वायदा भाव 2.5 फीसदी गिरा, फिर भी यह 2,58,566 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर दिखा. इसी तरह, जुलाई का वायदा भाव 2 फीसदी की गिरावट के साथ 2,65,028 रुपये प्रति किलोग्राम पर दिखा था.
ग्लोबल मार्केट में भी टूटी चांदी
ऐसा नहीं है कि आज सिर्फ एमसीएक्स पर ही चांदी का वायदा भाव टूटा है, ग्लोबल मार्केट में भी चांदी का हाजिर भाव 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ 78.43 डॉलर प्रति औंस के भाव रहा. 29 दिसंबर को ग्लोबल मार्केट में चांदी का हाजिर भाव 83.62 डॉलर प्रति औंस के साथ अपने रिकॉर्ड लेवल पर था. चांदी में तेज गिरावट का कारण मुनाफा वसूली है, क्योंकि अमेरिका के जॉब डाटा जल्द ही आने वाले हैं और निवेशकों के मन में चांदी को लेकर संभावनाएं निगेटिव हो रही हैं.
सिल्वर ईटीएफ के भी टूटे भाव
चांदी की वायदा और हाजिर कीमतों में गिरावट की वजह से आज सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में भी गिरावट दिख रही है. आज के कारोबार में 360 ONE Silver ETF 2 फीसदी गिरा, जबकि Axis Silver ETF, Tata Silver ETF, SBI Silver ETF और HDFC Silver ETF में मामूली उछाल दिख रहा है. इसके अलावा Nippon India Silver ETF, UTI Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF, Motilal Oswal Silver ETF, Zerodha Silver ETF में भी 0.5 फीसदी तक का उछाल दिख रहा है.
निवेशकों के लिए क्या सुझाव
वीएसआरके कैपिटल के कमोडिटी एक्सपर्ट संजय अग्रवाल का कहना है कि चांदी में अभी काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है. निवेशकों को इस पर ज्यादा भरोसा तब दिखाना चाहिए, जब इसकी कीमतें स्थिर हों. INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि साल 2026 में चांदी का कारोबार बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि इंडस्ट्री में इसकी डिमांड बढ़ती जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर में चांदी की बढ़ती मांग की वजह से मार्केट में भी इसकी कीमतों में उछाल दिखेगा. अगर चांदी पर दांव लगाना है तो आने वाले साल में यह तेज रिटर्न दिला सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इसकी कीमतों में गिरावट से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

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