सरफराज अहमद ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, बाबर आजम का जिक्र कर याद किया करियर

इस्लामाबाद
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने रविवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटारयरमेंट का ऐलान कर दिया। 38 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज ने पाकिस्तान की ओर से 200 से ज्यादा इंटरनेशनल मुकाबले खेले। उन्होंने 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 इंटरनेसनल मैच खेले और तीनों फॉर्मेट में 6164 रन बनाए। उन्होंने छह शतक और 35 अर्धशतक लगाए। उन्होंने विकेट के पीछे 315 कैच पकड़े जबकि 56 स्टंप आउट किए। कराजी में जन्मे सरफराज ने 2010 में डेब्यू किया था और 2023 में पाकिस्तान के लिए आखिरी मैच खेला।

ऐसा करने वाले इकलौते पाकिस्तानी
सरफराज ने सभी फॉर्मेट (50 वनडे, 37 T20, 13 टेस्ट) में 100 मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की और टीम को टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नंबर-1 रैंकिंग तक पहुंचाया। उनकी कप्तानी के दौरान पाकिस्तान ने लगातार 11 टी20 सीरीज जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। सरफराज के व्यक्तिगत रिकॉर्ड की बात करें तो वह एक टेस्ट मैच में 10 कैच लेने वाले इकलौते पाकिस्तानी हैं। उन्होंने जोहान्सबर्ग 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऐसा किया। वह लॉर्ड्स में वनडे शतक बनाने वाले पाकिस्तान के एकमात्र विकेटकीपर हैं। उन्होंने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था।

भारतीय टीम को दिया था एक बड़ा दर्द
सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में खिताबी सूखा समाप्त किया था। सरफराज की अगुवाई वाली पाकिस्तान टीम ने साल 2017 में भारत को एक बड़ा दर्द दिया था। पाकिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारतीय टीम के खिलाफ 180 रनों से विशाल जीत दर्ज की थी। उस वक्त विराट कोहली भारत के कप्तान थे। पाकिस्तान ने द ओवल में खेले गए फाइनल में 4 विकेट के नुकसान पर 338 रन बनाए थे। जवाब में भारत की पारी सिर्फ 158 रनों पर सिमट गई थी।

'कप्तानी में ऐसा करना गर्व की बात'
सरफराज ने संन्यास के बाद कहा, ''पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। 2006 में अंडर-19 टीम को वर्ल्ड टाइटल जिताने से लेकर 2017 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने तक हर पल खास रहा। मैं अपने टीममेट्स, कोच, परिवार और फैंस का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने करियर में हमेशा मुझे सपोर्ट किया।

सभी फॉर्मेट में पाकिस्तान की कप्तानी करना एक सपने के सच होने जैसा था। मैंने हमेशा बिना डरे क्रिकेट खेलने और एकजुट टीम बनाने की कोशिश की। अपनी कप्तानी के दौरान बाबर आजम, शाहीन अफरीदी, हसन अली और अन्य खिलाड़ियों को मैच-विनर बनते देखना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इतने सालों तक मुझपर भरोसा करने के लिए शुक्रिया कहना चाहता हूं। पाकिस्तान क्रिकेट हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहा और मैं हर मुमकिन तरीके से इस खेल को सपोर्ट करता रहूंगा।''