मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को भाजपा के विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार की एनसीपी के नेता जितेंद्र अव्हाड के समर्थकों में झड़प गई थी। इस हिंसक झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें दिखता है कि कई नेता मुक्के चला रहे हैं और दूसरे का कॉलर पकड़ा हुआ है। विधानसभा के अंदर इस तरह के बवाल से सवाल खड़े हुए हैं। आमतौर पर महाराष्ट्र की राजनीति को समन्वय और सद्भाव के लिए जाना जाता है। दूसरे दलों के नेताओं से भी लोग यहां बहुत सद्भाव से मिलते रहे हैं। ऐसे में इस तरह की झड़प की खूब चर्चा है। इस बीच विपक्ष ने राष्ट्रपति शासन की ही मांग कर दी है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेता संजय राउत का कहना है कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। संजय राउत ने शुक्रवार को कहा, 'महाविकास अघाड़ी के नेता आज राज्यपाल से मिलेंगे और बताएंगे कि विधानसभा में क्या हुआ है। राज्य में राष्ट्रपति शासन ही लग जाना चाहिए। राज्यपाल को विधानसभा में हुई गैंगवार की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजनी चाहिए।' बता दें कि इस मामले में असेंबली के स्पीकर राहुल नार्वेकर फैसला सुनाने वाले हैं। उन्हें इस घटना की रिपोर्ट दी गई थी और अब वह दोपहर को 1:30 बजे फैसला देंगे।
यही नहीं संजय राउत ने तो यहां तक कहा कि लोग हथियारों के साथ विधानसभा में घुसे और उनका इरादा गैंगवार का था। इस घटना से पूरी साजिश खुलकर आ गई है, जिसके तहत एनसीपी के विधायक जितेंद्र अव्हाड को ये लोग मार डालना चाहते थे। आखिर किन लोगों की मंजूरी से ये लोग विधानसभा के अंदर चले गए। राज्य में राष्ट्रपति शासन के लिए यह मामला काफी है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के शासन में महाराष्ट्र विधानसभा की स्थिति बेहद खराब हो गई है। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में झड़प की देश भर में चर्चा हो रही है और इसका वीडियो वायरल है। इस मामले में पुलिस अब तक दोनों विधायकों के एक-एक समर्थक को अरेस्ट कर चुकी है।

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