लखनऊ
विधान सभा चुनाव से पहले प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सड़कों व पुल-पुलियों का जाल बिछता नजर आएगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों द्वारा प्रस्तावित सड़कें व पुल पुलियों के प्रस्तावों की फाइल को मंजूरीू दे दी है।
विधायकों के प्रस्ताव पर 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से ये नए निर्माण कार्य होंगे। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल जाने के साथ ही लोक निर्माण विभाग काम शुरू कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराने में जुट गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के विधायकों ने सड़कें व पुल पुलियों के निर्माण का प्रस्ताव जिलों में जिलाधिकारियों को दिए थे।जिलाधिकारी के माध्यम से पूरे जिले का कार्ययोजना तैयार करते हुए फाइल शासन को भेजी गई थी। जिलों से आए प्रस्तावों का परीक्षण कर शासन ने समस्त कार्ययोजना को स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है।
सभी काम शुरू कराने की तैयारी
पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी के मुताबिक जिलों की कार्ययोजना में शामिल कार्यों की विस्तृत आगणन रिपोर्ट तैयार कराते हुए अब वित्त व्यय समिति के पास परीक्षण के लिए भेजी जा रही हैं। इन कार्ययोजनाओं के लिए बजट स्वीकृतियां 14 अगस्त से जारी की जाएंगी।इसके बाद एक महीने के अंदर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर कार्य का अनुबंध किया जाएगा। अक्टूबर से सभी काम शुरू कराए जाने की तैयारी की गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री द्वारा मंडलीय दौरे के दौरान विधायकों से सड़कें व पुल पुलियों के निर्माण का प्रस्ताव जिलाधिकारियों के माध्यम से शासन को भेजने के लिए कहा गया था। जिसके बाद विधायकों द्वारा प्रस्तावित लगभग 2.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से होने वाले निर्माण कार्यों की योजनाएं शासन को भेजी गई थीं।
सबसे अधिक लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव लखनऊ मंडल के विधायकों के थे। इन प्रस्तावों में से विधायकों की प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध बजट के आधार पर प्रस्तावों को मूल कार्ययोजना का हिस्सा बनाया गया है।

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