भोपाल
प्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए बड़ी राहत दी है। सरकार सोयाबीन किसानों को प्रति क्विंटल 1,300 रुपये अपनी ओर से अतिरिक्त देगी। भावांतर योजना में अभी तक मंडियों में हुई बिक्री की दर का औसत निकालकर चार हजार रुपये माडल रेट तय किया है। 13 नवंबर को अंतर की यह राशि पंजीकृत किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी।
नौ लाख से ज्यादा किसानों कराया पंजीचन
सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। मंडियों में इससे कम भाव मिलने के कारण प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इसमें मंडियों में बिक्री का औसत मूल्य निकालकर माडल रेट तय करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए नौ लाख 36 लाख किसानों ने पंजीयन कराया। योजना की अवधि प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक रखी गई है।
तय किया मॉडल रेट
मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से चर्चा में बताया कि भावांतर योजना में सोयाबीन का प्रति क्विंटल मॉडल रेट 4,000 रुपये से अधिक तय किया गया है। किसानों को उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूर्ण लाभ दिलाने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को 1,300 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। 13 नवंबर को यह राशि किसानों के खातों में अंतरित होगी।

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