उज्जैन
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने शनिवार 27 जुलाई को अपराह्न में जन्म-मृत्यु के पंजीयन हेतु रजिस्ट्रारों की बैठक लेकर किये जा रहे जन्म-मृत्यु के पंजीयन इकाई की समीक्षा कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि वे अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले नगरीय एवं ग्रामीण की शासकीय एवं प्रायवेट स्वास्थ्य संस्थाओं की बैठक लेकर उन्हें इस सम्बन्ध में अस्पतालों द्वारा नगर निगम को समय-सीमा में पोर्टल पर जन्म-मृत्यु की घटनाओं की ऑनलाइन रिपोर्टिंग एवं ऑफलाइन जो जानकारी दी गई, उनमें से कितने ऑनलाइन पंजीयन हेतु लम्बित है, की बैठक लेकर शीघ्र सूची तैयार कर नगर निगम को भेजने के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये जायें। बैठक में जन्म-मृत्यु की जिले में कितनी घटनाएं घटित हुई हैं और उक्त घटनाओं में से कितनी घटनाओं का सीआरएस जन्म-मृत्यु पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन किया गया है तथा शेष घटना जिसका ऑनलाइन पंजीयन नहीं किया गया है, इस सम्बन्ध में कलेक्टर ने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
बैठक में जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु एवं संयुक्त संचालक संभागीय योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के पीएस मालवीय ने जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम तथा संशोधित जन्म-मृत्यु अधिनियम-2023 के द्वारा जिले में किये जा रहे कार्यों की ऑनलाइन जन्म-मृत्यु पंजीयन की विस्तार से जानकारी दी। जन्म-मृत्यु के नवीन अधिनियम के सम्बन्ध में व नवीन पोर्टल की समस्या एवं समाधान के सम्बन्ध में जानकारी दी। उन्होंने जन्म-मृत्यु के ऑनलाइन एवं ऑफलाइन जनरेट समय पर किया जाना सुनिश्चित करने हेतु सम्बन्धितों को अवगत कराया। बैठक में सहायक कलेक्टर गगन सिंह मीणा, संभागीय योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक पीएस मालवीय, जिला योजना अधिकारी श्रीमती राजसांखले, सीएमएचओ डॉ.अशोक कुमार पटेल, समस्त रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु नगर पालिक निगम, जनपद पंचायत सीईओ, नगरीय निकायों के अधिकारी, प्रायवेट अस्पतालों के प्रभारी आदि उपस्थित थे।

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