इंफाल
चुनाव आयोग (ईसी) ने बाहरी मणिपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन विधानसभा क्षेत्रों के छह मतदान केंद्रों पर 30 अप्रैल को फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है। यहां शुक्रवार को मतदान हुआ था।
मतदान सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक होगा। कांग्रेस ने उसके कार्यकर्ताओं को हथियारबंद लोगों द्वारा धमकी दिये जाने के बाद 19 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग की थी। गत 26 अप्रैल को मतदान के दौरान धांधली, बूथ कैप्चरिंग, ईवीएम नष्ट करने की खबरें भी सामने आयी थीं।
मणिपुर में लोकसभा चुनाव उस जातीय संघर्ष की छाया में हो रहा है, जिसने घाटी स्थित मैतेई लोगों और पहाड़ी स्थित अनुसूचित जनजाति कुकी-ज़ो के बीच पिछले साल 3 मई से राज्य को झुलसा दिया है।
संघर्ष शुरू होने के बाद से 220 से अधिक लोग मारे गए हैं, हजारों घायल हुए हैं और हजारों लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं।
मणिपुर में पहले चरण के मतदान में भी बूथ कैप्चरिंग, मतदाताओं को डराने-धमकाने और गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं, जिसके परिणामस्वरूप आंतरिक मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र के 11 बूथों पर पुनर्मतदान के आदेश दिए गए।
बाहरी मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र में दोनों चरणों (पुनर्मतदान से पहले) के बाद लगभग 76% मतदान हुआ। इनर मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 80% मतदान हुआ।

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