नई दिल्ली
होम लोन-ऑटो लोन समेत अन्य Loan लेने वाले लोगों को इस जून महीने में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक अपनी आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट में जंबो कटौती का ऐलान (Repo Rate Cut) कर सकता है. भारतीय स्टेट बैंक की रिसर्च रिपोर्ट (SBI Report) में बड़ा अनुमान जाहिर करते हुए कहा गया है कि RBI रेपो रेट में 0.50 फीसदी या 50 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. इसमें कारण बताते हुए कहा गया है इसका मकसद कर्ज के चक्र को फिर से तेज करना और मौजूदा आर्थिक अनिश्चितताओं के असर को कम करना है.
4-6 जून तक होगी MPC की बैठक
गौरतलब है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक (MPC Meeting) की 4 जून से 6 जून के बीच होगी और इसमें लिए गए रेपो रेट समेत अन्य फैसलों का ऐलान 6 जून को कर दिया जाएगा. एसबीआई की रिपोर्ट ‘MPC बैठक की प्रस्तावना – 4-6 जून 2025’ में 0.50% की कटौती (Repo Rate Cut) का अनुमान जताया गया है.
इस साल दो बार मिल चुका है तोहफा
बता दें कि आगामी 4-6 जून को होने वाली एमपीसी बैठक में जहां लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ा तोहफा मिलते की उम्मीद जाहिर की जा रही है, तो बता दें कि इससे पहले इस साल 2025 में दो बार आरबीआई इसे लेकर राहत दे चुका है. जी हां, फरवरी और अप्रैल महीनों में आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25%-0.25% की कटौती की थी, जिससे रेपो रेट की दर अब 6% पर आ गई है.
SBI की रिसर्च रिपोर्ट में Repo Rate Cut का ताजा अनुमान इससे पहले तमाम इकोनॉमिस्ट्स द्वारा जताए जा रहे अनुमान से बड़ा है. दरअसल, बीते दिनों आईं कई रिपोर्ट्स में अर्थशास्त्रियों ने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा है कि देश में महंगाई दर (Inflation Rate) फिलहाल 4 फीसदी से तय दायरे में है और ऐसे में रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती का फैसला ले सकता है.
होम लोन और कार लोन होंगे सस्ते
Repo Rate, वह ब्याज दर है, जिसपर RBI बैंकों को लोन देता है और फिर आगे बैंक कस्टमर्स को कुछ और ब्याज जोड़कर लोन देते हैं. ऐसे में अगर रेपो रेट में कटौती आती है तो आपके लोन की EMI भी कम हो जाएगी और आपको होम लोन और कार लोन सस्ते होंगे. इंडस्ट्री को सस्ता लोन मिलने से न सिर्फ शहरी खपत को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कारखानों में निवेश बढ़ने से रोजगार भी पैदा होगा.

More Stories
Gold ETF में रिकॉर्ड निवेश, दिसंबर में इनफ्लो 211% बढ़कर ₹11,646 करोड़ पर पहुंचा, SIP में भी ₹31,000 करोड़ का निवेश
भारत और ब्रिक्स देशों ने अमेरिकी बॉन्ड से दूरी बनाई, 2026 में अमेरिका का प्रभुत्व खत्म, भारत-रूस में 90% लेन-देन डॉलर में नहीं
गोल्ड खरीदने का सोच रहे हैं? 10 जनवरी का लेटेस्ट रेट, जानें 22-24 कैरेट का ताजा भाव अपने शहर में