350 टेस्ट विकेट के साथ रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, कपिल देव के खास क्लब में बनाई जगह

नई दिल्ली
जडेजा के 350 टेस्ट विकेट पूरे होते ही उनका नाम कपिल देव के साथ उस खास सूची में जुड़ गया, जिसमें दुनिया के सिर्फ चार क्रिकेटर शामिल हैं.

कपिल देव ने टेस्ट में 5248 रन और 434 विकेट लिए हैं. इंग्लैंड के इयान बॉथम के नाम 5200 रन और 383 विकेट हैं, जबकि न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी ने 4531 रन के साथ 362 विकेट लिए हैं. अब इस एलीट क्लब में चौथा नाम रवींद्र जडेजा (4108 रन, 351 विकेट) का है.

350 विकेट लेने वाले सिर्फ पांचवें भारतीय
जडेजा की यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट में 350 या उससे अधिक विकेट लेने वाले सिर्फ 5वें भारतीय बने हैं.

उनसे पहले अनिल कुंबले ने 619, रविचंद्रन अश्विन ने 537, कपिल देव ने 434 और हरभजन सिंह ने 417 विकेट झटके हैं.

यानी भारत के महान टेस्ट गेंदबाजों की सूची में जडेजा ने एक और बड़ी छलांग लगाई है. खास बात यह है कि बाकी चारों के मुकाबले जडेजा की पहचान विशुद्ध गेंदबाज से ज्यादा एक ऑलराउंडर की रही है.

बाएं हाथ के स्पिनरों में भी टॉप-3
351 विकेट के साथ जडेजा अब टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं.

इस सूची में श्रीलंका के रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ सबसे आगे हैं. डेनियल विटोरी के नाम 362 विकेट हैं और अब जडेजा 351 विकेट के साथ उनके ठीक पीछे हैं.

यानी जडेजा के सामने अब सिर्फ 11 विकेट का फासला है. अगर वह विटोरी को पीछे छोड़ते हैं तो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे. उनके पीछे इंग्लैंड के डेरेक अंडरवुड 297 और बांग्लादेश के तैजुल इस्लाम 271 विकेट के साथ हैं.

सिर्फ विकेट नहीं, विकेट लेने की रफ्तार भी खास
जडेजा की गेंदबाजी को खास बनाने वाला एक और आंकड़ा उनका स्ट्राइक रेट है. कम से कम 125 टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में जडेजा 58.0 की स्ट्राइक रेट रखते हैं. उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज की है. उनकी स्ट्राइक रेट 56.4 है.

इसका मतलब है कि जडेजा सिर्फ लगातार गेंदबाजी कर दबाव बनाने वाले स्पिनर नहीं हैं, बल्कि विकेट निकालने की क्षमता के मामले में भी वह अपने वर्ग के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में हैं.

जडेजा की असली पहचान है ऑलराउंड कमाल
जडेजा की इस उपलब्धि का सबसे खास हिस्सा यही है कि 351 विकेट उनके करियर की अकेली उपलब्धि नहीं है. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 4000 से ज्यादा रन भी बनाए हैं. यानी एक छोर पर गेंद से 350+ विकेट और दूसरे छोर पर बल्ले से 4000 से ज्यादा रन. यही वह डबल है, जिसने उन्हें कपिल देव के साथ खड़ा कर दिया है.

यह तुलना इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि कपिल तेज गेंदबाजी करने वाले महान ऑलराउंडर थे, जबकि जडेजा बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हैं. दोनों की शैली अलग है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में बल्ले और गेंद से लगातार योगदान देने की क्षमता ने दोनों को एक ही ऐतिहासिक पायदान पर ला खड़ा किया है.

श्रीलंका की टीम तीसरे दिन 284 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत को पहली पारी में 178 रनों की बढ़त मिल गई. रवींद्र जडेजा ने 21 ओवर में 5 मेडन डालते हुए 57 रन देकर 3 विकेट झटके. मानव सुथार ने 21.4 ओवर में 1 मेडन के साथ 76 रन देकर 4 विकेट निकाले.