जयपुर.
आगामी पंचायतीराज चुनाव इस बार एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रहे है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद पंच और सरपंच, दोनों ही पदों के चुनाव मतपत्र के जरिए होंगे। यह बदलाव केवल तकनीक का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की रफ्तार और परिणामों के समय पर असर डाल सकता है। बैलेट पेपर की वापसी से चुनावी अमला और प्रत्याशियों, दोनों की चुनौतियां बढ़ेंगी।
ऐसा होगा इस बार का बैलेट पेपर
पंच का मतपत्र गुलाबी रंग के कागज पर होगा। सरपंच का मतपत्र सफेद कागज पर छपेगा। मतपत्र की चौड़ाई 4 इंच तय की गई है। ऊपरी हिस्से में काली सीमारेखा, बाई ओर क्रमांक और दाई ओर पंचायत वार्ड से जुड़ी निर्वाचन जानकारी होगी। सभी विवरण हिन्दी में होंगे। अभ्यर्थियों के नाम बाई ओर और चुनाव चिह्न दाई ओर होंगे। नोटा भी अनिवार्य रूप से शामिल रहेगा।
ईवीएम से बैलेट, क्या बदलेगा
मतदान की गति थोड़ी धीमी हो सकती है। मतगणना में समय ज्यादा लगेगा, जिससे नतीजे देर रात आ सकते हैं। यदि किसी प्रत्याशी ने मतगणना पर आपत्ति दर्ज कराई, तो पुनः गणना करनी पड़ेगा, जिससे विवाद और देरी की आशंका बढ़ेगी। चुनाव कर्मचारियों का कार्यभार बढ़ेगा, क्योंकि हर मतपत्र की हाथ से गिनती होगी।
अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ी तो मुड़ेगा मतपत्र
नोटा सहित 9 प्रत्याशी तक एक स्तम्भ 10 से 18 प्रत्याशी दो स्तम्भ, जरूरत पड़ने पर अंतिम पैनल छायादार 18 से अधिक प्रत्याशी: तीन या अधिक स्तम्भ, खाली पैनल छायादार रखे जाएंगे। यानी प्रत्याशियों की संख्या जितनी ज्यादा, मतपत्र उतना लंबा और जटिल।
30 सरपंच और 240 वार्ड पंचों के चुनाव होंगे –
30 ग्राम पंचायत में 30 सरपंच और 240 वार्ड पंचों के चुनाव होंगे। पंचायत चुनाव के लिए प्रगणक नियुक्त किए गए हैं। मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाता सूची अपडेट की जा रही है।
– डॉ. कृति व्यास, उपखंड अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी, रावतभाटा

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