ब्यावर.
ब्यावर जिले से एक दिलचस्प मामला सामने आया है। इस मामले में दो सगी बहनों ने सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जीवाड़े की सारी हदें पार कर दीं। इन दोनों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कराकर सरकारी नौकरी हथिया ली। अब शिक्षा विभाग में इस फर्जीवाड़े के पता चलने की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि इन दोनों बहनों के किसी जानने वाले ने शिक्षा विभाग को इनके जरिए नौकरी पाने के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी प्रमाण पत्रों की शिकायत की थी। जिसके बाद जब मामला जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में आया तो दोनों बहनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई।
अभ्यर्थियों को मिल सकता है मौका
मिली जानकारी के अनुसार अगर दोनों शिक्षिकाओं रेखा और सुनीता पर लगे आरोप सिद्ध पाए जाते हैं तो राज्य सरकार की ओर से दोनों की सेवा समाप्त की जा सकती है। वहीं, 2022 और 2016-17 माध्यमिक शिक्षक भर्ती में प्रतीक्षा सूची में शामिल एक-एक अभ्यर्थी को कानून के मुताबिक नौकरी मिलने की संभावना है।
नेताओं का नजदीकी है परिवार
जिन दोनों बहनों ने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी हासिल की। उन दोनों बहनों का परिवार राजनीतिक ताल्लुक रखता है। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्य खुद राजनीति में रहे हैं। दोनों के माता पिता सरपंच रहे हैं। नवंबर 2020 में जब सुनीता की शादी निर्मल सिंह के साथ हुई थी तब विधायक भी शादी समारोह में शामिल हुए थे। दोनों बहनों के पारिवारिक समारोह में नेताओं का आना जाना रहा है।

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