नई दिल्ली
प्रधानमंत्री कार्यालय PMO वर्तमान में साउथ ब्लॉक में स्थित है। अगले महीने एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव में शिफ्ट होगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए इस नए एन्क्लेव में प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा कैबिनेट सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा भी होगी। यह नया PMO प्रधानमंत्री के आवास के भी अधिक निकट होगा।
नए भवनों के निर्माण की आवश्यकता मुख्य रूप से जगह की कमी और पुराने दफ्तरों में आधुनिक सुविधाओं के अभाव के कारण महसूस की गई थी। प्रधानमंत्री ने हाल ही में गृह मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय के नए कार्यालय 'कर्तव्य भवन-3' का उद्घाटन करते हुए कहा था कि प्रशासनिक मशीनरी अब भी ब्रिटिश कालीन इमारतों से काम कर रही थी, जिनमें पर्याप्त जगह, रोशनी और वेंटिलेशन की कमी थी।
सूत्रों के मुताबिक, नए PMO को नया नाम भी दिया जा सकता है, जो ‘सेवा’ की भावना को दर्शाए। प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल के पहले संबोधन में कहा था, “PMO जनता का होना चाहिए, यह मोदी का PMO नहीं है।”
उधर, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जो लगभग आठ दशकों से केंद्र सरकार का ‘नर्व सेंटर’ रहे हैं, अब संग्रहालय में बदले जाएंगे। इन्हें ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ का रूप दिया जाएगा। इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय संग्रहालय और फ्रांस म्यूजियम्स डेवलपमेंट के बीच समझौता हुआ है। सरकार का कहना है कि यह संग्रहालय भारत की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेगा और “हमारे गौरवशाली अतीत, वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य” की झलक पेश करेगा।

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