रायपुर
संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे प्रदेश के पटवारियों पर आला अफसरों द्वारा अवकाश के दिन भी दबाव डालकर काम लेने से अब नाराजगी फूट रही है. पटवारियों ने डरा-धमकाकर काम लेने के खिलाफ अब मोर्चा खोलने का मन बना लिया है.
वहीं तीन माह पूर्व दिए गए आश्वासन को नजरअंदाज करने पर भी रणनीति तय होगी. राजधानी में 17 नवंबर को राजस्व पटवारी संघ जुटेगा. इस दौरान राज्य सरकार के कोरे आश्वासन और शीर्ष अधिकारियों की प्रताड़ना पर मंथन कर फैसले लिए जाएंगे. राज्य शासन द्वारा मौखिक समझौते से पलटने के अलावा अफसरों की प्रताड़ना के खिलाफ राजस्व पटवारी संघ रणनीति तय करेगा.
संघ ने इस बात पर विरोध जताया कि संसाधानों के अभाव में भी आला अफसर उनसे 6जी की स्पीड से दबावपूर्वक काम लेने धमकाने लगे हैं. अवकाश के दिनों में भी दबाव बनाया जा रहा है. वहीं आधी रात को वॉट्सएप के जरिए मैसेज डालकर तत्काल जानकारी मांगने कहा जाता है. जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज कर समूह के कार्यों को अकेले पटवारियों से करने दबाव बनाया जा रहा है. एक ही समय में कई कार्यों को तत्काल नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी देकर प्रताड़ित करने के खिलाफ भी मोर्चाबंदी होगी.

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