लखनऊ
किराया बढ़ाने की मांग को लेकर राजधानी लखनऊ में ओला, उबर जैसी कंपनियों के कैब ड्राइवरों ने शुक्रवार को हड़ताल की। ये कैब ड्राइवर ऑनलाइन सेवा प्रदाता कंपनियों से संबंद्ध टैक्सियों और बाइकों का किराया बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। हड़ताल की वजह से दिन भर बड़ी संख्या में ऑनलाइन कैब सेवाएं बाधित रहीं। आम जनता को इधर-उधर जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
राष्ट्रवादी ड्राइवर यूनियन शक्ति के महासचिव प्रवीण विश्वकर्मा ने बताया कि सभी चालकों ने ओला, उबर, इन ड्राइवर, रैपीडो कंपनियों के शोषण के खिलाफ चक्का जाम किया। चालकों ने पीजीआई कोतवाली क्षेत्र के वृंदावन योजना सेक्टर 14 और 15 में आवास विकास परिषद की खाली पड़ी जमीन पर गाड़ियां खड़ी कर दीं। जहां सेवा प्रदाता कंपनियों पर लूट और शोषण का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर नाराजगी व्यक्त की।
इन प्राइवेट कैब और बाइक के चालकों ने सरकार पर इस मामले में दखल देकर शोषण से बचाने की मांग की। उनका आरोप है कि उनकी मांगों पर सेवा प्रदाता कंपनियों की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। उनकी मुख्य मांगों में शहर में 20 रुपये प्रति किलोमीटर किराया करने की बात शामिल है। इसके अलावा कैब ड्राइवरों के लिए कस्टमर केयर नंबर, सभी चालकों के लिए दुर्घटना बीमा, कस्टमर अगर पैसे न दे तो ऐसी स्थिति में कंपनी उसका भुगतान करे, दो किलोमीटर से ज्यादा पिकअप पर पिकअप चार्ज देने और नई गाड़ी का अनुबंध न किए जाने की मांग शामिल है।

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