अभिनव पहल
भोपाल
उपभोक्ताओं के हित में और उचित मूल्य दुकानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए शासन द्वारा नवाचार किया जा रहा है। अब शासकीय उचित मूल्य दुकानों से उपभोक्ताओं को राशन के साथ ही गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद और अन्य पोषण सामग्रियाँ भी उचित मूल्य पर देने की व्यवस्था शुरू की गई हैं। इन दुकानों से जैविक उत्पाद भी उपलब्ध कराये जाने का भी लक्ष्य है। योजना में इंदौर जिले में 30 चिन्हित उचित मूल्य दुकानों पर जन पोषण केन्द्र की स्थापना की गई है। इसी दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुये जिला उज्जैन एवं सागर में 15-15 उचित मूल्य दुकानों को जन पोषण केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिये दुकानों का चयन कर लिया गया है। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा चयनित विक्रेताओं को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि सरकारी राशन की दुकानों को पोषण केंद्रों में बदलने की यह एक अभिनव पहल है। इसका उद्देश्य लोगों को पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ मुहैया कराना है।
उपभोक्ताओं ने भी की सराहना
स्थानीय उपभोक्ताओं द्वारा उचित मूल्य दुकान पर उक्त सामग्री की उपलब्धता पर प्रसन्नता जाहिर की जा रही है। उनका कहना है कि राशन के साथ ही अन्य सामग्री भी एक ही जगह पर मिलने से अब अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।
उचित मूल्य की दुकानों पर जन पोषण केन्द्र शुरू हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को तो लाभ होगा ही, इसके साथ ही राशन डीलरों की आय में भी वृद्धि होगी और लोगों को पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ मिलेंगे। जन पोषण केंद्रों में पोषण से जुड़े उत्पादों का भंडारण होगा। इन केंद्रों में राशन डीलर्स को आसान लोन की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही केंद्रों में डिजिटल टूल्स और सहायता प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा। कॉमन सर्विस सेंटर, बैंकिग कॅरसपोंडेंस बनाने की कार्यवाही भी जन पोषण केन्द्र पर की जा रही है। जन पोषण केन्द्रों में पोषण सघन वस्तुओं जैसे कि बाजरा, दालें, खाद्य तेल, सोयाबीन और डेयरी उत्पाद का भण्डारण कर उचित मूल्य पर देने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। उचित मूल्य दुकानों के डीलर्स को राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रोजेक्ट के प्रबंधन एवं निगरानी के लिये एक राज्य स्तरीय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240