नई दिल्ली
निठारी कांड के सबसे चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी कर्वेटिव पिटीशन को स्वीकार करते हुए उनकी अंतिम सजा रद्द कर दी और उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. यह मामला 2005-2007 के बीच नोएडा के निठारी क्षेत्र में हुई बालिकाओं की सामूहिक हत्याओं से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को हिला दिया था.
कोली पर कुल 13 मामलों में मुकदमे चले थे. इनमें से 12 मामलों में वह पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी हो चुके थे लेकिन एक मामला ऐसा बचा था, जिसमें उनकी सजा बनी हुई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि एक ही सबूत और तथ्य के आधार पर 12 मामलों में बरी हो चुके आरोपी को एक मामले में सजा देना न्याय के खिलाफ है.
सुरेंद्र कोली को तुरंत रिहा करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कोली के 15 वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के मामले में पाए गए सबूतों को कमजोर मानते हुए कहा कि उनका दोष सिद्ध नहीं हो पाया. अदालत ने उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, यदि वे किसी अन्य मामले में जेल में बंद न हों.
19 साल से जेल में बंद थे सुरेंद्र कोली
कोली लगभग 19 साल तक जेल में रहे. उनकी कर्वेटिव पिटीशन को खुले कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश किया गया था, जो कई मामलों में दुर्लभ होता है. इस फैसले के साथ निठारी कांड में उनके खिलाफ अंतिम केस भी समाप्त हो गया. कोर्ट ने कहा कि कर्वेटिव पिटीशन सिस्टम में हुई गलती सुधारने और न्याय सुनिश्चित करने का अंतिम मौका है.

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