नई दिल्ली
जीएसटी स्ट्रक्चर में हुए ऐतिहासिक बदलाव के लागू होते ही रोजमर्रा के कई सामान सस्ते हो जाएंगे। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ज्यादातर कंपनियां आम लोगों को इसका फायदा पहुंचाने के लिए तैयार हैं। वहीं, पेट्रोल-डीजल को लेकर कई लोगों के मन में संशय है। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पर एक अहम बयान दिया है।
क्या कहा वित्त मंत्री ने?
निर्मला सीतारमण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोलियम उत्पाद और अल्कोहल निकट भविष्य में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर रहेंगे। एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि निकट भविष्य में पेट्रोलियम या अल्कोहल को जीएसटी के दायरे में लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मतलब ये हुआ कि पेट्रोल और डीजल के दाम पहले की तरह रहेंगे। इसमें बदलाव तेल कंपनियां या सरकार अपने हिसाब से करेंगी।
आम लोगों को राहत देने के लिए वित्त मंत्री क्या बोलीं?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीटीआई-भाषा को दिये साक्षात्कार में कहा कि हम दरों में कटौती का लाभ आम लोगों को देने के लिए उद्योग से बातचीत कर रहे हैं और 22 सितंबर से (जीएसटी दरों में कटौती के लागू होने की तिथि) हमारा पूरा ध्यान इसी पर होगा कि लोगों का इसका लाभ मिले।
क्या हुआ है बदलाव
केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्रियों की भागीदारी वाली जीएसटी परिषद ने बुधवार को जीएसटी के चार स्लैब की जगह दो स्लैब करने का फैसला किया। अब टैक्स की दरें पांच और 18 प्रतिशत होंगी जबकि विलासिता एवं सिगरेट जैसी अहितकर वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लागू होगी। सिगरेट, तंबाकू और अन्य संबंधित वस्तुओं को छोड़कर नई कर दरें 22 सितंबर से प्रभावी हो जाएंगी। दरों को युक्तिसंगत बनाये जाने के तहत टेलीविजन एवं एयर कंडीशनर जैसे उपभोक्ता वस्तुओं के अलावा खानपान और रोजमर्रा के कई सामानों पर दरें कम की गयी हैं।

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