नईदिल्ली /जोरहाट
असम के जोरहाट एयरबेस के पास भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई, जबकि विमान का सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अधिकारी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।वायुसेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले सभी सैन्यकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। दुर्घटना में बलिदान होने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं।
भारतीय वायुसेना ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बलिदान जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। वायुसेना ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा संगठन शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और
अग्निवीरवायु दानिश आलम शहीद हो गए है।
वायुसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारतीय वायुसेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है। दुख की इस घड़ी में पूरी वायुसेना शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस बात की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह दुर्घटना कैसे हुई। जोरहाट एयरबेस के पास हुए इस क्रैश के पीछे क्या कारण थे- क्या कोई तकनीकी खराबी थी, इंजन फेलियर हुआ था या मौसम की खराबी की वजह से यह हादसा हुआ- इन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की गई है। बचे हुए को-पायलट का बयान भी इस जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि वे ही हादसे के समय कॉकपिट में मौजूद थे।
दुर्घटना के बाद वायुसेना मुख्यालय ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' गठित की गई है, जो हादसे के सभी पहलुओं की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी संभावित समस्या, मौसम की स्थिति और अन्य परिचालन कारणों की विस्तार से पड़ताल की जाएगी।
हादसे में जीवित बचे सह-पायलट से भी जांच टीम पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि दुर्घटना से ठीक पहले विमान की स्थिति और कॉकपिट में हुई घटनाओं के बारे में उनकी जानकारी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। वायुसेना की जांच टीम विभिन्न तकनीकी और परिचालन तथ्यों का विश्लेषण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
जांच के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस बात की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह दुर्घटना कैसे हुई. जोरहाट एयरबेस के पास हुए इस क्रैश के पीछे क्या कारण थे- क्या कोई तकनीकी खराबी थी, इंजन फेलियर हुआ था या मौसम की खराबी की वजह से यह हादसा हुआ- इन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' गठित की गई है. बचे हुए को-पायलट का बयान भी इस जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि वे ही हादसे के समय कॉकपिट में मौजूद थे।

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