कोरबा
ग्राम पंचायत डोंगानाला के आश्रित ग्राम गणेशपुर में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। नशे में धुत एक युवक ने सात साल के मासूम की हत्या कर दी। आरोपित ने बच्चे को बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में ले जाकर अप्राकृतिक कृत्य करने की कोशिश की। बच्चे के विरोध करने पर पत्थर से सिर पर वार कर उसकी जान ले ली।
तालाब से घर नहीं लौटा आयान, स्वजनों की बढ़ी चिंता
पाली थाना अंतर्गत ग्राम गणेशपुर निवासी शिवकुमार खुरसेंगा का सात साल का बेटा आयान दो अप्रैल की दोपहर अपने साथियों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। रोज की तरह अन्य बच्चे साथ गए थे, लेकिन नहाने के बाद बाकी बच्चे घर लौट आए, जबकि आयान वापस नहीं पहुंचा। देर शाम तक उसके घर नहीं आने पर स्वजन चिंतित हो उठे। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच स्वजन को जानकारी मिली कि आयान को गांव में ही रहने वाले रंजीत कुमार 19 वर्ष के साथ अंतिम बार देखा गया था।
पुलिस की सख्ती के बाद खुला राज
इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इसके साथ ही दूसरे दिन भी लगातार खोजबीन जारी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। स्थिति गंभीर होने पर गांव में बैठक बुलाई गई, जिसमें ग्रामीणों और स्वजन ने मिलकर जानकारी जुटाने की कोशिश की। बैठक के दौरान शक के आधार पर रंजीत से पूछताछ की गई, लेकिन वह लगातार गोलमोल जवाब देता रहा।
इससे ग्रामीणों का संदेह और गहरा गया। मामले की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नागेश तिवारी मौके पर पहुंचे और युवक से सख्ती से पूछताछ की, तब पुलिस के दबाव में आरोपित टूट गया और उसने वारदात कबूल कर ली।
अप्राकृतिक कृत्य का विरोध करने पर पत्थर से सिर कुचला
आरोपित रंजीत ने बताया कि वह नशे की हालत में तालाब पहुंचा था। वहीं उसकी नजर आयान पर पड़ी और वह उसे बहला-फुसलाकर सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसने बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने की कोशिश की। विरोध करते हुए बच्चा चिल्लाने लगा, इससे घबराकर उसने (रंजीत) पास पड़े पत्थर से उसके सिर पर कई बार वार कर दिया।
गंभीर चोट लगने से मौके पर ही बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद शव को पड़ोसी गांव करतली के एक खेत में बने करीब 12 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया और वापस गांव लौट आया। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर कुएं से बच्चे का शव बरामद कर लिया। मामले में आरोपित के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
नशे में आ जाती है दबी हुई विकृति बाहर
गणेशपुर की घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। मनोविज्ञान के जानकार मानते हैं कि नशे की हालत में व्यक्ति का नियंत्रण कम हो जाता है और दबे हुए विकृत व्यवहार सामने आ सकते हैं। इस तरह की घटनाएं अकसर अचानक नहीं होतीं, बल्कि मानसिक असंतुलन, सामाजिक नियंत्रण की कमी और नशे की आदत का संयुक्त परिणाम होती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गांव और कस्बों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अकेले न जाएं, चाहे वह परिचित ही क्यों न हो। वहीं अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और देर होने पर तुरंत सतर्क होने की सलाह दी जाती है।

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