म.प्र. टूरिज्म को एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिले दो अवॉर्ड्स
भोपाल
अतुल्य भारत का दिल मध्यप्रदेश, ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि नवाचार और आधुनिक मार्केटिंग रणनीतियों के लिए भी जाना जा रहा है। गोवा में आयोजित प्रथम मेडएक्स समिट एवं अवॉर्ड्स 2025 में किडज़ानिया इंडिया के ‘एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर’ को दो श्रेणियों में प्रतिष्ठित गोल्ड अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। बेस्ट एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन की श्रेणी में ये गोल्ड अवॉर्ड्स प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के कुशल निर्देशन में दिल्ली एवं मुंबई किडज़ानिया में स्थापित एमपी एक्सपीरियंस सेंटर को अवार्ड मिला है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर ने यह फिर से परिभाषित किया है कि पर्यटन और अनुभवात्मक ब्रांड कैसे दर्शकों के साथ सार्थक रूप से जुड़ सकते हैं। इसने अतुल्य भारत के दिल को युवा भारत के और करीब लाया है, जिससे वे हमारी प्रकृति के महत्व को समझने के लिए प्रेरित हुए हैं। मेडएक्स में मिला यह सम्मान पूरी तरह से योग्य है और वास्तव में हमारे लिए प्रेरणादायक है।
नवाचार, रचनात्मकता ने जीता आगंतुकों का दिल
बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर को उनकी नवाचार, रचनात्मकता और प्रभावशाली रूप से इसके क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया गया, जिसने ब्रांड की विज़िबिलिटी और ऑडियंस एंगेजमेंट को नए आयाम दिए हैं। वहीं, बेस्ट एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में यह अवॉर्ड उनकी इमर्सिव स्टोरीटेलिंग और अत्याधुनिक एक्टिवेशंस को मिला, जिसने आगंतुकों के मन में गहरी छाप छोड़ी और ब्रांड कनेक्शन को और मजबूत बनाया। किडज़ानिया में एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, धरोहर और परंपराओं को नवीन तरीकों से प्रस्तुत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
क्या खास है मध्यप्रदेश टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर में
दिल्ली और मुंबई में किडजानिया के एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर का उद्देश्य बच्चों को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता, नदियों और सांस्कृतिक विरासत से रोचक और रचनात्मक तरीके से जोड़ना है। यह पहल न केवल बच्चों को रोमांचक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उनके माध्यम से पूरे परिवार को भी मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रति आकर्षित करने का कार्य करती है। दिल्ली और मुंबई स्थित किडज़ानिया में इस सेंटर में दो प्रमुख वर्चुअल अनुभव जंगल सफारी और रिवर राफ्टिंग प्रस्तुत किए जा रहे हैं। जंगल सफारी के दौरान बच्चे वर्चुअल जीप सफारी में मध्यप्रदेश के घने जंगलों, राष्ट्रीय उद्यानों और जंगली जानवरों को नजदीक से देखने का अनुभव करते हैं। वहीं, रिवर राफ्टिंग में वे प्रदेश की नदियों की लहरों पर सवारी करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य और जलजीवों को जानने का रोमांच महसूस करते हैं।
इन अनुभवों को और अधिक वास्तविक बनाने के लिए वर्चुअल रियलिटी, मोशन सेंसिंग तकनीक, एनवायरनमेंटल सिमुलेशन और 3डी इफेक्ट्स का प्रयोग किया गया है। सेंटर में बच्चों को हरे रंग की सफारी जैकेट पहनाई जाती है, जिससे वे खुद को एक असली पर्यटक की भूमिका में महसूस कर सकें। हर अनुभव लगभग 10 मिनट का होता है। अनुभव के बाद बच्चों से दस प्रश्न पूछे जाते हैं और सही जवाब देने पर उन्हें एमपी टूरिज्म की ओर से सुविनियर और किडज़ानिया करेंसी (kidZos) इनाम स्वरूप दी जाती है। बच्चों को खुद का पर्सनलाइज्ड पोस्टकार्ड भी डिजाइन करने का अवसर मिलता है, जिसका प्रिंटआउट वे साथ ले जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एमपी टूरिज्म की ओर से विशेष गिवअेज़ जैसे कस्टम स्टिकर्स, बच्चों की डायरी और रंगीन पेंसिल्स भी वितरित की जा रही हैं।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240
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