इंदौर
इंदौर जिले में लोकसभा चुनाव के लिए 2677 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी मतदान केंद्रों पर मतदान से डेढ़ घंटा पहले माकपोल (दिखावटी मतदान) किया जाएगा। कम से कम 50 वोट डालकर मकपोल करना होगा। इस दौरान अभिकर्ता की मौजूदगी रहेगी। इस प्रक्रिया के बाद मशीनों को रिफ्रेश कर मतदान कराया जाएगा।
लोकसभा का चुनाव कराने नियुक्त मतदान दलों के पीठासीन अधिकारियों को अपने-अपने मतदान केंद्र में वास्तविक मतदान प्रारंभ करने के डेढ़ घंटे पहले माकपोल कराना होगा। पीठासीन अधिकारी को मॉकपोल के परिणामों से मतदान अभिकर्ताओं को अवगत कराना होगा। निर्वाचन आयोग के मुताबिक पीठासीन अधिकारी मतदान प्रारंभ होने के डेढ़ घंटे पूर्व मॉक पोल कराएंगे।
मॉक पोल प्रारंभ करते समय कम से कम दो अभ्यर्थियों के मतदान अभिकर्त्ता उपस्थित रहना चाहिए। यदि मॉक पोल के समय कोई भी मतदान अभिकर्त्ता उपस्थित न हो, ऐसी स्थिति में पीठासीन अधिकारी अधिक से अधिक 15 मिनट मॉक पोल शुरू करने के लिये प्रतीक्षा कर सकता है, यदि तब भी कोई मतदान अभिकर्त्ता नहीं आते हैं तो पीठासीन अधिकारी मॉक पोल शुरू कर सकते हैं। मॉक पोल में यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदान कोष्ठ में सभी अभ्यर्थियों के लिए मत डाले गए हैं।
इस तरह होगी माकपोल प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के अनुसार मॉक पोल प्रारंभ करने के पहले ईव्हीएम की बैलेट यूनिट तथा व्हीव्हीपेट को मतदान प्रकोष्ठ में रखना होगा, जबकि ईव्हीएम की कंट्रोल यूनिट को पीठासीन अधिकारी अथवा उस मतदान अधिकारी के टेबल पर रखना होगा, जो बैलट यूनिट और व्हीव्हीपेट मशीन सही प्रकार से जोड़ने के बाद कंट्रोल यूनिट का इस्तेमाल करेगा।
मॉक पोल में डाले गए मतों का अभिलेख पीठासीन अधिकारी अथवा मतदान अधिकारी को रखना होगा। मॉक पोल की व्हीव्हीपेट की पर्चियों को भी इनके पीछे के भाग में मॉक पोल पर्ची की रबर सील लगानी होगी और इन पर्चियों को मोटे काले कागज के लिफाफे में रखकर पीठासीन अधिकारी की सील से मुहरबंद कर और हस्ताक्षर कर सुरक्षित रखना होगा।

More Stories
Hurun Rich List 2026: इंदौर के विनोद अग्रवाल MP के सबसे अमीर, ₹700 करोड़ बढ़ी दौलत
सेवा संकल्प अभियान: PM मोदी ने पुंजापुरा के लोगों से किया वर्चुअल संवाद, MP की तारीफ
MP के 10 जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट, पूर्वी हिस्से में अति भारी बारिश की चेतावनी