ग्वालियर
रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव को डिजिटल अरेस्ट कर 2.53 करोड़ रुपये ठगने के मामले में उप्र से दस आरोपित पकड़े गए हैं। उनमें रवि उर्फ माइकल और सचिन गुप्ता मुख्य कड़ी हैं। रवि उर्फ माइकल मूल रूप से गुजरात के वलसाड का रहने वाला है। वह लखनऊ आया और यहां उसने किराये के खातों का नेटवर्क फैलाया। गरीबों और बेरोजगार छात्रों को उसने मोहरा बनाया। अब तक इस मामले में 19 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। सचिन गुप्ता, रवि उर्फ माइकल सहित उप्र से पकड़े गए दस आरोपितों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। यहां से इन्हें पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड पर लिया है।
बता दें कि ग्वालियर के थाटीपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को ठगों ने 17 मार्च से 11 अप्रैल के बीच डिजिटल अरेस्ट किया था।
नासिक पुलिस का इंस्पेक्टर बनकर ठग ने डराया-धमकाया और आश्रम के खातों से 26 दिनों में दो करोड़ 52 लाख 99 हजार रुपये देशभर के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस ने इस मामले में उज्जैन से छह व दिल्ली से चार लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि ठगी की रकम में से तीस लाख रुपये लखनऊ की रुद्राक्ष एंटरप्राइज के खाते में जमा कराए गए थे। यह कंपनी लखनऊ के अलीगंज स्थित मकान नंबर 532 क/27 पांडेकोला निवासी सचिन पुत्र सत्यनारायण गुप्ता के नाम पर थी।

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