नई दिल्ली
माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाले लिंक्डइन की ओर से पोस्ट हटाने के बाद शुरू हुए विवाद को लेकर ओला के संस्थापक और सीईओ भावेश अग्रवाल के समर्थन में भारतीय टेक जगत के कई दिग्गज आए हैं। दरअसल, ओला के सीईओ और लिंक्डइन के बीच विवाद की शुरुआत खराब विशेषण को लेकर हुई थी। लिंक्डइन एआई की ओर से सीईओ के लिए "दे" और "दियर" जैसे अंग्रेजी विशेषण का उपयोग किया गया था। कुछ देर बाद लिंक्डइन की ओर से इस पोस्ट को बिना कोई नोटिफिकेशन जारी किए हटा दिया गया।
अग्रवाल के समर्थन में टेक कंपनी जोहो के सीईओ श्रीधर वेम्बू ने कहा, हम भारतीयों को इस साम्राज्यवाद का मजबूती से विरोध करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इसे एक कट्टर धार्मिक सिद्धांत के रूप में सबसे अच्छी तरह समझा जाता है जो एक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन के रूप में सामने आता है।" ऐड टेक कंपनी अनएकेडमी के सीईओ, गौरव मुंजाल ने भी इसकी काफी आलोचना की। इसके जवाब में ओला सीईओ ने शनिवार को कहा कि वे माइक्रोसॉफ्ट अज्योर के साथ क्लाउड सर्विसेज के करार को समाप्त कर रहे हैं और उनकी कंपनी सारा कार्य अपने स्वयं के एआई वेंचर क्रुत्रिम को ट्रांसफर कर रही है।
हालांकि, लिंक्डइन और माइक्रोसॉफ्ट की ओर से भावेश अग्रवाल के ब्लॉग पोस्ट पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अग्रवाल ने आगे कहा कि वे घरेलू डेवलपर्स के साथ मिलकर डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) सोशल मीडिया फ्रेमवर्क बनाने को लेकर काम करेंगे और इसकी कम्युनिटी गाइडलाइंस भारतीय कानून होनी चाहिए।

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