MP फर्जी पासपोर्ट केस में STF की बड़ी कार्रवाई, रायसेन से संदिग्ध गिरफ्तार; 7 जिलों में मिले 76 पासपोर्ट

Exposetodaynews:

भोपाल 

बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क की पड़ताल में लगी स्पेशल टास्क फोर्स की टीम को अहम सफलता मिली है। एसटीएफ ने इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने के आधार पर रायसेन जिले से पचास वर्षीय संदिग्ध राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को पकड़ा है। एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ कर फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क के संबंधों का पता लगा रही है।

फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट
पकड़ा गया संदिग्ध राहुल प्रकाश मूल रूप से भिंड जिले का रहने वाला है। पहले वह बहुजन संघर्ष दल (बसद) का प्रदेश महासचिव भी रह चुका है। लगभग तीन साल पहले राहुल ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी और नृत्या भंते के नाम से मठों में रहना शुरू कर दिया था। पहचान छिपाने के बाद उसने भोपाल के अशोक बुद्ध विहार के पते का उपयोग किया और फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इन फर्जी दस्तावेज का सहारा लेकर उसने वर्ष 2025 में पासपोर्ट बनवा लिया। इसी पासपोर्ट के माध्यम से उसने थाईलैंड और म्यांमार की यात्राएं भी की थीं। 

लगातार बदल रहा था ठिकाने
एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि संदेही राहुल प्रकाश कई दिनों से अपना ठिकाना बदल-बदलकर रायसेन क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने उसे पकड़ा। जांच एजेंसी अब उसके सभी दस्तावेज, बैंक खातों और पासपोर्ट में दर्ज विदेश यात्राओं के विवरण की जानकारी जुटाने का काम कर रही है। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि वह किन-किन लोगों के लगातार संपर्क में बना हुआ था और उसने भंते का रूप धारण क्यों किया था। हालांकि एसटीएफ की ओर से अभी उसकी गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सात जिलों में फैला नेटवर्क
बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारती
य पासपोर्ट तैयार कराने के इस नेटवर्क की पड़ताल में एसटीएफ के सामने अब तक प्रदेश के सात जिलों में 76 फर्जी पासपोर्ट बनने की जानकारी आ चुकी है। जांच में खुलासा हुआ है कि राज्य में सबसे अधिक 40 फर्जी पासपोर्ट भोपाल के पते पर बनाए गए हैं। इसके अलावा डबरा क्षेत्र से 17 और बैतूल जिले से 11 फर्जी पासपोर्ट बनाए गए हैं। एसटीएफ की टीम फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की जांच में लगी हुई है।