नई दिल्ली
महाराष्ट्र में जीका वायरस के कई मामले सामने आए हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी प्रदेशों को निगरानी बढ़ाने और प्रेग्नेंट महिलओं में जीका वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी में अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे कैंपस को एडीज मच्छरों से दूर रखें। साथ ही निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए। साथ ही राज्यों को रेसिडेंशियल एरिया, ऑफिस, स्कूल, कंस्ट्रक्शन साइट और इंस्टीट्यूशन पर निगरानी करने और वेक्टर कंट्रोल एक्टिविटीज करने को कहा है।
महाराष्ट्र में आठ मामले सामने आए
2 जुलाई तक महाराष्ट्र में जीका के आठ मामले सामने आए हैं, जिनमें से छह पुणे और एक-एक कोल्हापुर और संगमनेर से है। जीका परीक्षण की सुविधाएं पुणे में राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, दिल्ली में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद प्रयोगशालओं में उपलब्ध हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए जीका वायरस खतरनाक
जीका वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इस वायरस की पहचान सबसे पहले वर्ष 1947 में युगांडा में हुई थी। जीका वायरस से संक्रमित गर्भवती महिला का होने वाले शिशु का दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता और सिर का आकार सामान्य से कम होता है।
क्या है जीका वायरस के लक्षण?
जीका वायरस के संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति में सिरदर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द और शरीर लाल चकते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जीका वायरस में सबसे पहले तेज फीवर होता है, फिर धीरे-धीरे बाकी लक्षण नजर आते हैं।

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