LIC का बड़ा दांव! इस दवा कंपनी में लगातार बढ़ा रही हिस्सेदारी, शेयर पर ब्रोकरेज बुलिश

नई दिल्ली
लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी LIC ने फार्मा सेक्टर की सिप्ला लिमिटेड में हिस्सेदारी बढ़ाई है। जानकारी के मुताबिक LIC ने तीन महीने की अवधि में सिप्ला लिमिटेड में 2% से अधिक हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इससे फार्मा कंपनी में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 9.09% हो गई है। हिस्सेदारी में बढ़ोतरी के साथ LIC अब सिप्ला में एक बड़ी शेयरधारक बन गई है। बता दें कि पिछले साल नवंबर तक चार महीनों में LIC ने दवा निर्माता कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 5.025% से बढ़ाकर 7.055% कर दी थी।

शेयर का हाल
शुक्रवार को BSE पर सिप्ला के शेयर बढ़त के साथ 1341.45 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। जनवरी 2026 में शेयर 1,283 रुपये के निचले स्तर पर थ। इस लिहाज से शेयर ने एक महीने से भी कम समय में रिकवरी दिखाई है। दिसंबर 2025 में शेयर 1,672.20 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई लेवल है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
बता दें कि दिसंबर तिमाही के उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन के बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने सिप्ला की रेटिंग घटा दी थी। ब्रोकरेज फर्मों ने इसके लिए अमेरिका में बिक्री में नरमी और प्रमुख उत्पादों की आपूर्ति में व्यवधान को कारण बताया। जेफरीज ने ग्रेवलिमिड और लैनरियोटाइड के राजस्व में क्रमिक गिरावट और वित्त वर्ष 2026 के एबिटा मार्जिन अनुमान में 175-300 आधार अंकों की कमी का हवाला देते हुए सिप्ला को "अंडरपरफॉर्म" श्रेणी में रखा और इसका लक्ष्य ₹1,170 निर्धारित किया। साथ ही, इसने वित्त वर्ष 2026-वित्त वर्ष 2028 के ईपीएस अनुमानों को भी 19-21% तक कम कर दिया। वहीं, एचएसबीसी ने प्रबंधन द्वारा वित्त वर्ष 2026 के एबिटा मार्जिन अनुमान को 22.75-24% से घटाकर 21% करने के बाद सिप्ला की रेटिंग घटाकर "होल्ड" कर दी और इसका लक्ष्य ₹1285 तय कर दिया। एक अन्य ब्रोकरेज मैक्वेरी ने शेयर की ₹1,490 के लक्ष्य के साथ "आउटपरफॉर्म" रेटिंग बरकरार रखी है।

सिप्ला के तिमाही नतीजे
बीते दिनों सिप्ला ने दिसंबर में समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए थे। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मुनाफा 57 प्रतिशत घटकर 676 करोड़ रुपये रहा। अमेरिकी बाजार में बिक्री में गिरावट के कारण कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ा है। मुंबई स्थित इस दवा कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 1,571 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। तिमाही के दौरान परिचालन आय 7,074 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 7,073 करोड़ रुपये थी। कंपनी की उत्तरी अमेरिका में बिक्री इस तिमाही के दौरान 22 प्रतिशत घटकर 1,485 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,906 करोड़ रुपये थी।