फियोंगयांग
उत्तर कोरिया में अब ब्रेस्ट इम्प्लांट की सर्जरी पर भी रोक लगा दी गई है. यह देश पहले से ही रोजमर्रा की चीजों पर कड़े नियमों के लिए जाना जाता है, जैसे पश्चिमी कपड़े पहनना या हेयरस्टाइल. अब ब्रेस्ट इम्प्लांट और प्लास्टिक सर्जरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. यहां एक डॉक्टर और दो महिलाओं पर ब्रेस्ट सर्जरी कराने के आरोप में सार्वजनिक मुकदमा चल रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन की सरकार अब ऐसे मामलों पर नजर रखने के लिए मोहल्लों में गश्त और गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि ऐसी महिलाओं की पहचान की जा सके जिन्होंने यह सर्जरी करवाई है. अगर किसी महिला ने किस भी तरह का कोई भी बदलाव करवाया, तो नेताओं को पुलिस में रिपोर्ट करना होगा.
गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही सरकार
उत्तर कोरिया में ब्रेस्ट इम्प्लांट को गैर-समाजवादी काम (Non-socialist work) माना गया है और यह कानूनन मना है. हाल ही में एक डॉक्टर पर, जिसने छुपकर यह सर्जरी की थी, सार्वजनिक सुनवाई हुई. इसी तरह दो 20 साल की लड़कियों पर भी ब्रेस्ट सर्जरी करवाने का आरोप लगा. बताया गया कि दोनों अपने फिगर को बेहतर बनाना चाहती थीं.
डॉक्टर ने अपने घर पर अवैध रूप से चीन से लाए गए सिलिकॉन का इस्तेमाल करके सर्जरी की थी. 20 साल की दोनों महिलाओं ने अपने शरीर का आकार बदलवाने के लिए यह ऑपरेशन कराया था. सरकार अब ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और संदिग्ध महिलाओं की पहचान करने के लिए पड़ोस में गश्त और गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.
20 साल की लड़कियों ने कराई ब्रेस्ट सर्जरी
एक सूत्र के मुताबिक, सितंबर के बीच में दक्षिणी उत्तरी ह्वांगहे प्रांत के एक सूत्र ने बताया कि सितंबर के बीच में सारिवॉन जिले के सांस्कृतिक हॉल में एक डॉक्टर और उन महिलाओं का सार्वजनिक मुकदमा हुआ, जिन्होंने अवैध ब्रेस्ट सर्जरी करवाई थी. डॉक्टर पर आरोप था कि उसने अपने घर पर अवैध रूप से ब्रेस्ट सर्जरी की और इसके लिए चीन से तस्करी कर लाया गया सिलिकॉन इस्तेमाल किया. मुकदमे के दौरान डॉक्टर मंच पर सिर झुकाए खड़ा रहा, जबकि 20 साल की दोनों लड़कियां शर्म के कारण अपना चेहरा नहीं उठा सकीं.

More Stories
अब पाकिस्तान से डिप्लोमेसी का वक्त खत्म’, अफगान सरकार ने बदले की ली कसम
ईरान सीमा पार करने से पहले भारतीय दूतावास की सख्त चेतावनी, कहा– पहले हमसे संपर्क करें
RSS और RAW पर प्रतिबंध की मांग: US धार्मिक आयोग ने ट्रंप प्रशासन को दी सलाह, लगाए गंभीर आरोप