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रांची
राज्य में आदर्श विद्यालय योजना के तहत विकसित किए गए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) के सफल संचालन तथा उसके विकास में विशेषज्ञ सहयाेग प्रदान करेंगे। इसके लिए राज्य स्तर पर दो विशेषज्ञ बहाल किए जाएंगे। एक विशेषज्ञ डिजिटल एजुकेशन के लिए बहाल होंगे तो दूसरे विशेषज्ञ की जिम्मेदारी निगरानी, मूल्यांकन तथा ज्ञान प्रबंधन की होगी।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने दोनों विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों विशेषज्ञ अनुबंध पर एक-एक लाख रुपये के मासिक वेतन पर बहाल होंगे। नियुक्ति तीन वर्षों के लिए होगी, जिसकी अवधि आवश्यकता एवं प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाई जा सकती है। परिषद ने दोनों पदों के लिए 21 अक्टूबर तक आवेदन मांगे हैं।
बहाल होने वाले दोनों विशेषज्ञ सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस सहित आदर्श विद्यालय योजना के तहत संचालित सभी विद्यालयों के सफल संचालन के लिए योजना तैयार करने, उनके समय पर अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा निगरानी में सहयोग प्रदान करेंगे। ये इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के के सेंटर के तौर पर विकसित करने के लिए एक प्रोफेशनल के रूप में काम करेंगे।
इनका मुख्य कार्य योजना के लक्ष्यों और आउटकम के मुकाबले स्कूल और शिक्षक के प्रदर्शन की निगरानी करने के लिए सिस्टम तैयार करना तथा उसका अनुपालन सुनिश्चित करना भी होगा। साथ ही ये आदर्श विद्यालय योजना और स्कूल ऑफ एक्सीलेंस मैनेजमेंट के लिए मानिटरिंग टूल्स बनाएंगे। योजना से जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स के क्षमता निर्माण के लिए भी ये योजना तैयार करेंगे।
बताते चलें कि इन स्कूलों के सफल संचालन के लिए स्कूल मैनेजर भी बहाल किए गए हैं। राज्य में वर्तमान में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं, जबकि हाल ही में कैबिनेट ने 100 अन्य स्कूलों की मंजूरी प्रदान की है। इन स्कूलों के भी सीबीएसई से संबद्धता के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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