जबलपुर
नवाचार के पर्याय बन कर उभरे जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना का एक और नया प्रयास चर्चा में है। सक्सेना ने जनसुनवाई में आवेदक को बार-बार न आना पड़े, इसके लिए टोकन-पावती व्यवस्था शुरू की है। आवेदक को उसके आवेदन की न सिर्फ पावती बल्कि वह टोकन नंबर भी दिया जाएगा, जो कलेक्टर समस्या संबंधित विभाग के अफसर को देंगे। अधिकारियों से इन टोकनों के निपटान की जानकारी खुद कलेक्टर लेंगे। आवेदनक संबंधित अधिकारी के पास पहुंच टोकन पर अपडेट की जानकारी ले सकता है। सक्सेना का मानना है कि इस व्यवस्था से न सिर्फ जन की समस्या निपटेगी बल्कि प्रशासनिक कसावट भी आएगी। आम जनों में इस पहल की अच्छी प्रतिक्रिया है।
रिपीट आवेदनों से मुक्ति
दरअसल जनसुनवाई में पहुंचे कुल 217 आवेदनों में से 36 ऐसे थे, जो दोबारा आए थे। इस पर सक्सेना ने उक्त व्यवस्था लागू की, ताकि आवेदक को दोबारा-तिबारा आने की झंझट मुक्ति मिल सके। सक्सेना ने कहा कि टोकन जारी होने के महीने भर में कार्रवाई नहीं होती है तो अफसर पर कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय प्रमुख अपडेट को तीन कॉपी में तैयार करेंगे।
जनसुनवाई में मुख्य रूप से जमीन पर कब्जा, इलाज हेतु आर्थिक सहायता, राशन कार्ड नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित बुनियादी समस्याएं ही होती हैं। इनका जल्द निराकरण हो सकता है। हमारे प्रयास इसी दिशा में हैं।
दीपक सक्सेना, कलेक्टर जबलपुर

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