अयोध्या
इजरायल में भारत के राजदूत रियुवेन अजार बुधवार सुबह ही अयोध्या पहुंचे और राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए। वह अपनी पत्नी के साथ रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद कई श्रद्धालुओं से भी बात की। उन्होंने कहा कि इस इजरायल हमेशा से भारत की संस्कृति का सम्मान करता रहा है और यह लोगों के आपस में जुड़े का एक बड़ा माध्यम भी है। रियुवेन अजार ने कहा कि मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन का सौभाग्य मिला है। मैं यहां आकर श्रद्धालुओं को देखकर भी अभिभूत हूं, जो हर दिन इतनी बड़ी संख्या में आते हैं।
उन्होंने कहा, 'इजरायल और भारत के लोग प्राचीन काल से ही साथ हैं। उनकी संस्कृति, विरासत और परंपरा प्राचीन हैं। जैसे हमें अपनी विरासत पर गर्व है, उसी तरह आपको भी अपनी विरासत पर प्राउड है। यह बहुत जरूरी है क्योंकि समर्पण और गर्व का भाव ही आपको शक्ति प्रदान करता है। इसीलिए मैं यहां आया हूं और देखा कि लोगों का कैसे भाव भगवान राम की भक्ति को लेकर है।' उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण को लेकर हुए संघर्ष पर भी संकेतों में ही बात की।
सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलते इजरायली राजदूत
इजरायली राजदूत ने कहा, 'जैसा कि हम कहते हैं कि स्थान का बहुत महत्व होता है। ऐसा इसलिए कि यह कोई कल्पना की बात नहीं है। इतिहास में यहां चीजें हुईं हैं और लोग उसे हर दिन याद करते हैं। साल दर साल वह परंपरा चलती जाती है और हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाती है। इजरायल के राजदूत के तौर पर यह अहम है कि हम यहां आए और भगवान के दर्शन किए। इसके अलावा लोगों से मुलाकात की। मैं यहां अपनी पत्नी के साथ आया हूं और भारतीय संस्कृति को गहराई से समझने का प्रयास किया है।' इजरायली अधिकारी ने मंगलवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी।

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