भोपाल
संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (एसएसआरजीएसपी) में सुभाष इनीशिएटिव के तहत जर्मन भाषा प्रशिक्षण प्रारंभ कर अभिनव पहल की गई है। यह पहल मेटएक्स स्ट्रक्चर्स, जर्मनी के सहयोग से प्रारंभ हुई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक कार्य संस्कृति से परिचित कराना और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के अवसरों के लिए सक्षम बनाना है।
मेटएक्स स्ट्रक्चर्स के प्रबंध निदेशक श्री ओंकार काकवडे ने जर्मन भाषा की उपयोगिता, औद्योगिक मांग और प्रशिक्षण के संभावित वैश्विक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि नई संस्कृतियों और अवसरों का द्वार भी है।
इस अवसर पर एसएसआरजीएसपी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा ने छात्रों से संवाद करते हुए जर्मन भाषा की कुछ मूलभूत अवधारणाएं साझा की। उन्होंने बताया कि एसएसआरजीएसपी का प्रयास केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करने की दिशा में भी समान रूप से प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नीशियन, मेक्ट्रॉनिक्स टेक्नीशियन, कंक्रीटर, मेटल वर्कर, सड़क निर्माण श्रमिक और राजमिस्त्री जैसे कोर्स से जुड़े विद्यार्थियों ने भाग लिया। भाषा प्रशिक्षण के इस समावेशन ने तकनीकी कौशल के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संवाद और समावेशन की समझ को भी बल दिया है।
यह आयोजन एसएसआरजीएसपी की उस व्यापक सोच का उदाहरण है, जो युवाओं को बहुआयामी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सुभाष इनीशिएटिव के तहत जर्मन भाषा की यह शुरुआत भारत और जर्मनी के कौशल सहयोग की दिशा में एक सार्थक कदम है।

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