नई दिल्ली
भारत का व्यापार प्रदर्शन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मजबूत रहा है और इसमें बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह जानकारी नीति आयोग द्वारा बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का व्यापार 2024 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 5.45 प्रतिशत बढ़कर 576 अरब डॉलर हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारिक आयात में लगातार वृद्धि देखी गई, वित्त वर्ष 2025 (चालू वित्त वर्ष) की पहली तिमाही में निर्यात 5.95 प्रतिशत बढ़कर 110 अरब डॉलर हो गया और आयात 8.40 प्रतिशत बढ़कर 173 अरब डॉलर हो गया, जिससे व्यापार असंतुलन बढ़ रहा है।
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारतीय लोहा और इस्पात निर्यात में भारी गिरावट (33 प्रतिशत) देखी गई, जिसका मुख्य कारण कमजोर घरेलू मांग और वैश्विक बाजारों में चीन के कारण इस्पात की अधिक आपूर्ति है।
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारत के निर्यात में उत्तरी अमेरिका का योगदान 21 प्रतिशत था, उसके बाद यूरोपीय संघ का योगदान 18.61 प्रतिशत था। आयात मुख्य रूप से पूर्वोत्तर एशिया, पश्चिम एशिया (जीसीसी) और आसियान से हुआ, जो कुल आयात का 51 प्रतिशत था।
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के दौरान एफटीए साझेदारों देशों को निर्यात में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि इन साझेदारों से आयात में 10.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नीति आयोग के सीईओ, बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि प्रत्येक तिमाही में भारत की व्यापार स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करके, यह प्रकाशन साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का समर्थन करेगा।
सुब्रह्मण्यम ने कहा, "यह पहल भारत की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के साथ जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य विकसित भारत (भारत@2047) के लिए भारत की व्यापार क्षमता का लाभ उठाना और तेजी से बदलते वैश्विक व्यापार वातावरण में सतत विकास सुनिश्चित करना है।"

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