नई दिल्ली
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2 करोड़ रुपए से अधिक के चिट फंड घोटाले में फरार चल रहे आरोपी तन्मय मिर्धा को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 29 जनवरी को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के ब्रह्म नगर इलाके से की गई। सीबीआई ने यह मामला 23 जून 2020 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सक्रिय चिट फंड कंपनियों से जुड़े मामलों की गहन जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी तन्मय मिर्धा एक्सप्रेस कल्टीवेशन लिमिटेड, कोलकाता का डायरेक्टर था और उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आम जनता से निवेश के नाम पर भारी धनराशि एकत्र की।
आरोपी ने आकर्षक रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से करीब 2.1 करोड़ रुपए जुटाए और बाद में इस धन का गलत इस्तेमाल किया। निवेशकों को न तो तय समय पर वापस मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस की गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हुए।
सीबीआई ने विस्तृत जांच पूरी करने के बाद 4 फरवरी 2022 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, हालांकि आरोपी जांच के दौरान एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुआ और लगातार फरार बना रहा। इसके बाद कोलकाता स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
लगातार फील्ड वेरिफिकेशन, तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई ने 29 जनवरी को आरोपी की लोकेशन का पता लगाया, जिसके बाद सीबीआई ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपी तन्मया मिर्धा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा सकता है जिससे इस मामले में और जानकारी मिल सके।
सीबीआई के अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चिट फंड घोटालों में शामिल किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी इसमें दोषी पाए जाएंगे, जल्द से जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तन्मय मिर्धा के बयान के आधार पर पता चलेगा कि इसमें कितने लोग शामिल हैं और किस तरह से आम जनता का पैसा लिया गया है।

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