भिलाई.
ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी भी तेजी से बढ़ रही है। ठग हर दिन नए तरीके अपनाकर लोगों के खाते से पैसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों को जल्दी पकड़ने के लिए आईआईटी भिलाई और रूंगटा यूनिवर्सिटी के शोधकताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित एक नई तकनीक तैयार की है।
यह तकनीक पैसे भेजने या निकालने के दौरान कई जानकारियों की एक साथ जांच करेगी। अगर उसे लगेगा कि लेनदेन में कुछ गड़बड़ है या ठगी की आशंका है तो वह तुरंत बैंक को चेतावनी दे देगी। इससे बैंक समय रहते ग्राहक से पुष्टि कर सकेगा या जरूरत पड़ने पर लेनदेन रोककर जांच शुरू कर सकेगा। इस नई तकनीक के लिए बैंकों से लिए गए करीब सवा लाख अकाउंट्स नंबर के आंकड़ों को सिस्टम में फीड किया गया।
शोध के दौरान इस तकनीक ने करीब 98 प्रतिशत मामलों में सही पहचान की। यह शोध आईआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गगनराज गुप्ता और रूंगटा यूनिवर्सिटी की डीन स्कूल ऑफ रिसर्च डॉ. शाजिया इस्लाम ने मिलकर किया है। बैंक फ्रीज कर देगा खाता यह तकनीक यह भी देखेगी कि पैसा किस खाते में भेजा जा रहा है, ग्राहक पहले किस तरह के लेनदेन करता रहा है, अचानक खर्च करने का तरीका बदला है या नहीं, लेनदेन किस समय हो रहा है और पैसे भेजने का तरीका पहले जैसा है या नहीं। इन सभी जानकारियों को मिलाकर यह तय करेगी कि लेनदेन सुरक्षित है या उसमें ठगी की आशंका है।

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