नई दिल्ली
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 16 अप्रैल को बीएसएफ और डीआरजी के साथ मुठभेड़ में मारे गए 29 नक्सलियों के बाद अब बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं। यह सरेंडर कुछ ही दिनों में होने की उम्मीद जताई जा रही है। नक्सलियों का यह आत्मसमर्पण नारायणपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा समेत नक्सली प्रभावित कुछ अन्य इलाकों से हो सकता है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी में पता लगा है कि 16 अप्रैल को कांकेर जिले के अबुझमाड़ पहाड़ी इलाके में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को घेरा था। इस मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे। इनमें नक्सलियों का टॉप कमांडर और प्रतापपुर एरिया कमेटी का चीफ शंकर राव, टॉप नक्सलियों में से एक ललिता माडवी और विनोद गावड़े को भी मार गिराया गया था।
सूत्रों ने बताया कि मारे गए तमाम नक्सलियों की पहचान हो गई है। इसके बाद पता लगा कि इनमेंसे केवल शंकर और ललिता ही नहीं बल्कि और भी कई नक्सलियों पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह से करीब 10 नक्सलियों पर एक करोड़ 86 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनावों के दौरान रेकॉर्ड संख्या में मारे गए नक्सलियों के बाद एक खतरा इनके किसी दूसरे ग्रुप द्वारा आगामी चुनावों में गड़बड़ी करने को लेकर भी है। इसमें कुछ नक्सली बदला लेने की नीयत से हथियारों के साथ हमला कर सकते हैं।
इस तरह के किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षाबल पूरी तरह से तैयार हैं। माना यह भी जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में मारे गए नक्सलियों के बाद इनकी बुरी तरह से कमर टूट गई है। अब नक्सलियों को एकजुट होने और सुरक्षाबलों से लोहा लेने के दौरान अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने पर सोचना होगा। सरकार नक्सली प्रभावित इलाकों को इनसे फ्री करने के लिए दृढ़ है।

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