मुंबई
साल 2025 सोने की कीमतों में ताबड़तोड़ तेजी आई है. फेस्टिव सीजन में तो इसकी कीमतें हर रोज रिकॉर्ड तोड़ते हुए नजर आ रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी Gold Rate ने नया शिखर छुआ. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव तगड़ी उछाल के साथ 1,23,977 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया. वहीं दिवाली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, घरेलू मार्केट में सोने का भाव बढ़ता जा रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसकी कीमतें अभी थमन वाली नहीं हैं और अगले साल दिवाली तक तो सोना 1.50 लाख के पार पहुंच सकता है.
सोमवार को सोने में तगड़ा उछाल
एमसीएक्स गोल्ड रेट में तेजी का सिलसिला जारी है. सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही इसमें तगड़ा उछाल आया. 1,23,000 रुपये पर खुलने के बाद 5 दिसंबर की एक्सपायरी पर 24 कैरेट गोल्ड तेज रफ्तार पकड़ते हुए 2400 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और 1,23,977 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. दिवाली वाले अक्टूबर महीने में गोल्ड प्राइस में इजाफे पर नजर डालें, तो अब तक Gold Price 6,389 रुपये महंगा हो चुका है. बता दें कि 1 अक्टूबर 2025 को इस क्वालिटी के 10 ग्राम सोने का वायदा भाव 1,17,588 रुपये था.
घरेलू मार्केट में भी सोना लगातार अपनी चमक बढ़ा रहा है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो सोमवार को यहां भी इसकी कीमत में तेज उछाल दर्ज किया गया. 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत बीते शुक्रवार की शाम को 1,21,525 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1,23,770 रुपये पर पहुंच चुकी है. इस हिसाब से कैलकुलेट करें, तो गोल्ड रेट 2245 रुपये प्रति 10 ग्राम चढ़ा है. इसके अलावा 22 कैरेट का भाव 1,20,800 रुपये, 20 कैरेट का 1,10,150 रुपये और 18 कैरेट का रेट 1,00,250 रुपये पर पहुंच चुका है. बता दें कि
2025 अब तक 50% उछला सोना
जैसा कि बताया साल 2025 सोने में निवेश करने वालों के लिए बंपर ईयर बना है. इस साल अब तक सोने की कीमत लगभग 50% बढ़ चुकी है. वहीं अगर 2022 से तुलना करें, तो गोल्ड रेट में 140 फीसदी के आसपास का उछाल देखने को मिल चुका है. सोने को बढ़ाने में 3 अहम फैक्टर जिम्मेदार माने जा सकते हैं.
पहला कारण: दुनिया भर के देश अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करते हुए अपने रिजर्व में और सोना जोड़ने पर फोकस कर रहे हैं. केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीद में जोरदार इजाफा किया है. यही कारण है कि ये आधिकारिक खरीद दशकों में हाई लेवल पर पहुंच गई है, जिससे गोल्ड प्राइस को सपोर्ट मिल रहा है.
दूसरा कारण: गिरते शेयर बाजारों और अनिश्चित बॉन्ड यील्ड के बीच निवेशक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर पहचाने जाने वाले सोने की ओर लगातार रुख कर रहे हैं. इसकी वजह से सोना रखने वाले एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों में नए निवेश लगातार बढ़ रहे हैं और यह डिमांड भी गोल्ड प्राइस को स्थिर रखने में मदद कर रही है.
तीसरा कारण: सोने की कीमतों अमेरिका समेत दुनियाभर में मची हलचल का भी असर देखने को मिला है. US Fed द्वारा ब्याज दरों में कटौती और उसकी स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं ने सोने में इजाफे को बल दिया है. अमेरिका में शटडाउन के डर ने भी निवेशकों का पैसा सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की ओर ट्रांसफर किया है.
घनतेरस पर 1.30 लाख पर पहुंचेगा गोल्ड!
दिवाली से पहले सोने में उछाल के बीच कई एक्सपर्ट्स घनतेरस तक दाम स्थिर रहने की उम्मीद जता रहे हैं, तो कई का मानना है कि इसमें वर्तमान भाव की तुलना में थोड़ी और तेजी देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट अनुज गुप्ता की मानें तो फिजिकल मार्केट में गोल्ड रेट घनतेरस पर 1,25,000 से 1,30,000 रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं तमाम रिपोर्ट्स में अगले वित्तीय वर्ष में सोने की कीमत 1.50 लाख के आस-पास पहुंचने का अनुमान भी जाहिर किया जा रहा है.
आपके पोर्टफोलियो में कितना Gold जरूरी?
सोने की कीमतों में आ रही तेजी के बीच और निवेशकों के लगातार पीली धातु की ओर रुझान के बीच ये जान लेना भी जरूरी है कि आखिर निवेशकों के पोर्टफोलियो में किस हद तक गोल्ड फायदे का सौदा साबित हो सकता है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो 10-20% तक सोना सही माना जाता है. अगर ये 20 फीसदी से ज्यादा है, तो रिकॉर्ड कीमत पर अनावश्यक जोखिम बढ़ने का खतरा भी बनता है. वहीं पोर्टफोलियो में 5% कम गोल्ड आपके इसकी कीमतों में होने वाले बदलाव के फायदों से दूर रख सकता है.

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