मुरैना
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक पूर्व सैनिक ने अपनी विधवा बहू को गोली मार दी है। उसने इस बात को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी कि उसने दोबारा शादी करने से इनकार कर दिया। महिला के परिजनों और पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
पूर्व सैनिक फरार
सिविल लाइंस थाना प्रभारी दर्शन लाल शुक्ला ने बताया कि आरोपी ज्ञान सिंह गुर्जर (65) रात करीब 10 बजे देसी कट्टे से अपनी बहू प्रियंका (38) की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार हो गए। महिला ने एक साल पहले अपने पति को खो दिया था। उन्होंने बताया कि यह घटना मुरैना जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सिकरौदा नहर के पास हुई और महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
चार दिन पहले आई थी ससुराल
शुक्ला ने कहा कि ज्ञान सिंह के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। पति की मौत के बाद महिला अपने तीन बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। हालांकि, वह चार दिन पहले अपने ससुराल लौट आई थी।
बड़े भाई के बेटे से शादी का दबाव
पीड़िता के भाई मुकेश के अनुसार प्रियंका के ससुर गुर्जर उस पर अपने बड़े भाई के बेटे ध्रुव से शादी करने का दबाव बना रहे थे, जो उनकी बहन को मंजूर नहीं था।
मुकेश ने आरोप लगाया कि मेरी बहन ने इनकार कर दिया क्योंकि उसके पहले से ही तीन बच्चे हैं। इस वजह से उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस अधिकारी शुक्ला ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।
18 महीने में दो बेटों की मौत
आरोपी पूर्व सैनिक ने पिछले 18 माह में अपने दोनों बेटों को खो दिया। पुलिस के अनुसार, प्रियंका के पति अजय गुर्जर की पिछले साल नौ जून को मौत हो गई थी और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक सात साल की बेटी और पांच और तीन साल के दो बेटे हैं।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240