भोपाल
गर्मी के प्रकोप से हर जन प्रभावित हो रहा है। निजी संस्थाएं अपने तौर पर इससे बचाव के साधन जुटा रही हैं। ऐसे में सरकार ने भी इसके लिए कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगरीय निकायों को इसके लिए पर्याप्त सुविधाएं जुटाने के लिए निर्देशित किया है। इसके तहत तेज गर्मी से राहत देने के लिए जगह-जगह ग्रीन नेट और वॉटर स्प्रे की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण दिवस पांच जून से प्रारंभ हो रहे जल संरक्षण अभियान को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने जल सम्मेलन आयोजन, जल संरचनाओं के अतिक्रमण हटाने के अभियान और जल स्रोतों को उपयोगी बनाने के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी सार्वजनिक प्याऊ संचालित किए जाएं। सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल के कारण कहीं भी समस्या नहीं होना चाहिए। उन्होंने तेज गर्मी से नागरिकों को बचाने के लिए शहर और गांव में आवश्यक शेड और छांव की व्यवस्था करने को भी कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, ग्रीन नेट और वाटर स्प्रे के माध्यम से तेज गर्मी से लोगों को राहत दिलवाई जाए। इस काम के लिए स्थानीय निकाय सक्रिय भूमिका निभाने के लिए निर्देश दिए हैं।
सामाजिक संगठनों ने की है पहल
प्रदेश में लगातार हो रही तेज गर्मी से हलाकान लोगों को राहत देने के लिए कुछ सामाजिक संस्थाओं ने इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में ट्रैफिक सिग्नल पर शामियाने लगाए हैं। इधर, यातायात पुलिस ने भी सिग्नल के टाइमिंग भी आधा कर दिया है।

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